Saturday 10th of October 2026

ब्रेकिंग

हॉस्टल से 3 छात्राएं गायब, इस डर से भागी छात्राएं

आकाशवाणी रायपुर के RNU प्रमुख विकल्प रंजन शुक्ला का निधन

ट्रैक्टर से टकराई कार, आरक्षक समेत 2 की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे….

घर में घुसकर की मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल

प्रेमी से मिलने होटल गई युवती फिर जिंदा नहीं लौटी, इस हाल में मिली लाश

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

जिला अस्पताल जशपुर में : सेप्टिक शॉक में 10 वर्षीय बच्ची को मिला जीवनरक्षक उपचार, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का सफल ऑपरेशन

Jagbhan Yadav

Wed, Sep 2, 2026

00 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जिले में ही मिल रहा गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार
जशपुर।
जिला चिकित्सालय जशपुर में गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चिकित्सकों एवं नर्सिंग टीम की तत्परता, त्वरित चिकित्सकीय निर्णय और बेहतर समन्वय से हाल ही में दो गंभीर मरीजों का सफल उपचार किया गया। सेप्टिक शॉक की गंभीर स्थिति में पहुंची 10 वर्षीय बच्ची को जीवनरक्षक उपचार देकर स्वस्थ किया गया, वहीं एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के गंभीर मामले में महिला का सफल ऑपरेशन कर संभावित जानलेवा जटिलताओं से बचाया गया। इन सफल उपचारों से यह स्पष्ट हुआ है कि जिला चिकित्सालय में गंभीर एवं आपातकालीन मामलों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञ सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूरस्थ बड़े चिकित्सा संस्थानों अथवा दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है।
सेप्टिक शॉक में गंभीर हालत में पहुंची 10 वर्षीय बच्ची की बची जान
पाकड़टोली, जिला गुमला निवासी 10 वर्षीय संध्या कुमारी को 28 अगस्त 2026 को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, सुस्ती एवं बेहोशी की गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय जशपुर लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम था। जांच में किडनी एवं लिवर फंक्शन में भी गंभीर असामान्यताएं पाई गईं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसकी स्थिति को सेप्टिक शॉक के रूप में चिन्हित किया गया। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज प्रधान (डक् च्मकपंजतपबे) के नेतृत्व में तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया। बच्ची को आईवी फ्लूड्स, उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक्स एवं आवश्यक सपोर्टिव उपचार दिया गया। लगातार कम रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए लगभग तीन दिनों तक आवश्यक वेसोएक्टिव एवं जीवनरक्षक सपोर्ट दिया गया।
उपचार के दौरान चिकित्सकीय एवं नर्सिंग टीम द्वारा बच्ची के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, चेतना की स्थिति सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की लगातार निगरानी की गई। समय पर उपचार और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप बच्ची की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। वर्तमान में बच्ची हेमोडायनामिक रूप से स्थिर है, पूरी तरह सचेत एवं ओरिएंटेड है तथा उसमें कोई डेंजर साइन नहीं है। बच्ची के उपचार में अमृता सिंह, संध्या साविता एक्का, अनुपा मिंज, वसुंधरा साय, प्रमिला भगत, रेशमा किस्पोट्टा, अमीना मिंज एवं अंकिता मिंज ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन
ग्राम घरमुंडा, विकासखंड कुनकुरी निवासी चंद्रिका बाई, पति श्रवण कुमार, को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय जशपुर में उपचार के लिए लाया गया। जांच में पाया गया कि गर्भावस्था गर्भाशय के बजाय फैलोपियन ट्यूब में विकसित हो रही थी। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में समय पर उपचार नहीं मिलने पर फैलोपियन ट्यूब के फटने से अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव जैसी गंभीर एवं जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता साय ने तत्काल सर्जिकल उपचार का निर्णय लिया। आवश्यक तैयारियों के बाद महिला का सफल ऑपरेशन किया गया और फैलोपियन ट्यूब में विकसित एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का उपचार किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और आवश्यक उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।
रात्रिकालीन आपातकालीन सर्जरी की सुविधा भी होगी मजबूत
सिविल सर्जन ने बताया कि जिला चिकित्सालय जशपुर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। शासन द्वारा आवश्यक डीएफआर की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे गंभीर एवं आपातकालीन मामलों में आवश्यकता पडऩे पर रात्रि में भी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे विशेष रूप से गर्भावस्था से संबंधित आपातकालीन स्थितियों सहित अन्य गंभीर सर्जिकल मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयासों से जिला चिकित्सालय में ही गंभीर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें