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छत्तीसगढ़ में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई : शराब व DMF मामलों में 20 ठिकानों पर एक साथ छापे

Jagbhan Yadav

Sun, Nov 23, 2025

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए ACB-EOW की टीमों ने रविवार तड़के राज्यभर में बड़ी छापेमारी अभियान चलाया। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, कोण्डागांव और अंबिकापुर सहित कुल 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आबकारी विभाग और DMF फंड से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है, जिसमें कई अधिकारियों, सप्लायरों और प्रभावशाली व्यक्तियों के घर शामिल हैं।

रायपुर में टीम ने लौंह-विस्ता कॉलोनी स्थित कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोड़ा के आवास पर छापेमारी की, जहां वित्तीय लेन-देन और departmental रिकॉर्ड्स की गहन जांच की गई। इसी तरह दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के घर पर भी दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। अधिकारियों ने यहां महत्वपूर्ण फाइलों, रजिस्टरों और संभावित साक्ष्यों को खंगाला है।

धमतरी में पूर्व विधायक जया बैन दोपी के पोते केतन दोपी के महालक्ष्मी ग्रीन्स स्थित आवास पर लगभग चार घंटे तक जांच चलती रही। टीम के अनुसार केतन दोपी रियल एस्टेट और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं, जिनसे संबंधित कई दस्तावेजों की मांग की गई है।

सूरजपुर में पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद और अंबिकापुर के सप्लायर अमित अग्रवाल के घर भी संयुक्त कार्रवाई की गई। टीम वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और विभागीय फाइलों की जांच कर रही है, ताकि DMF फंड और आबकारी से जुड़े गड़बड़ियों की पुष्टि की जा सके।

कोण्डागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के ठिकानों पर छापेमारी की गई। जैन वर्ष 2019–20 में DMF सप्लाई गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। यहां टीम ने दस्तावेजों, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड्स और लेन-देन की जानकारी इकट्ठा की।

इस व्यापक कार्रवाई का उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की तह तक पहुंचना और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करना है। ACB-EOW की यह संयुक्त छापेमारी संकेत देती है कि सरकार संवेदनशील विभागों से जुड़े मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है, जहां किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

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