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विधानसभा में उर्वरक वितरण पर गरमाई बहस : कांग्रेस ने उठाए सवाल, मंत्री ने जांच से किया इनकार

Jagbhan Yadav

Thu, Jul 16, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश में उर्वरकों के वितरण का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने सहकारी और निजी क्षेत्रों में उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई जिलों में निर्धारित लक्ष्य से अधिक उर्वरकों की सप्लाई की गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

विधानसभा में प्रश्न उठाते हुए दलेश्वर साहू ने कहा कि उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किन जिलों में कितनी मात्रा में उर्वरक भेजा गया और लक्ष्य से अधिक आपूर्ति किन परिस्थितियों में की गई। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितता हुई है तो इसकी जांच आवश्यक है।

इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए आदिम जाति विकास एवं कृषि से जुड़े मामलों के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त उर्वरकों की कंपनीवार, मौसमवार और जिलावार आवंटन संबंधी पूरी जानकारी विधानसभा पुस्तकालय में उपलब्ध कराई गई है।

मंत्री ने सदन को बताया कि भारत सरकार के आवंटन के आधार पर उर्वरक कंपनियां सहकारी समितियों और निजी थोक विक्रेताओं को खाद उपलब्ध कराती हैं, जहां से किसानों तक इसका वितरण किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग केवल वितरण के बाद उपलब्ध शेष उर्वरकों का रिकॉर्ड रखता है, जबकि कंपनीवार बची हुई मात्रा का अलग से कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।

 दलेश्वर साहू द्वारा मामले की जांच की मांग दोहराए जाने पर मंत्री रामविचार नेताम ने साफ कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच कराने का कोई औचित्य नहीं बनता। मंत्री के इस जवाब के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच उर्वरक वितरण को लेकर कुछ समय तक तीखी बहस भी देखने को मिली।

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