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महिला एवं बाल विकास विभाग : ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

Jagbhan Yadav

Fri, Jul 24, 2026

सीएसआर साझेदारी से पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति
o “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे” – प्रमुख सचिव शहला निगार
o आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों-महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण-पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा ‘सर’ (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

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