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शिक्षा में AI का प्रभावी उपयोग : और मजबूत परीक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

Jagbhan Yadav

Wed, Jul 1, 2026

 नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य  बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि बदलते वैश्विक परिवेश में भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बुधवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बतौर सदस्य सहभागिता की।

बैठक में नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा प्रक्रिया से प्राप्त सीख, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार, तथा शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को अधिकतम करने की रणनीतियों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

अग्रवाल ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य एक विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। इसलिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को और अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में नई तकनीकों का समावेश केवल डिजिटल बदलाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होना चाहिए।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक, सदस्य  रवि शंकर प्रसाद समेत आने सदस्यगण, अंतरिक्ष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन, उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक डॉ. अभिषेक सिंह सहित शिक्षा जगत के अनेक विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति में हुए व्यापक विचार-विमर्श से प्राप्त सुझाव देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।

 

 

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