Saturday 8th of August 2026

ब्रेकिंग

किसी एथलीट के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए’ : खेल मंत्री मांडविया

समारोह में प्रदान किए संत कबीर और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार

अमित शाह आज मुंबई में NUCFDC के नए कार्यालय का करेंगे उद्घाटन

को करेंगे संबोधित; 3,000 से ज्यादा छात्रों को मिलेंगी डिग्रियां

विकास और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश…

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नए नियम लागू : केवल ऑनलाइन दस्तावेजों को मिलेगी मान्यता

Jagbhan Yadav

Tue, Jun 16, 2026

बिलासपुर। प्रदेशभर में अभी पुराने मैनुअल रिकॉर्डों के डिजिटलीकरण पर रोक लगा दी गई है। इसका सारा अधिकार जिला पंजीयक को दे दिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को लेकर नई व्यवस्था लागू होने से हजारों लोगों की चिंता बढ़ गई है। खास बात यह है कि अब केवल ऑनलाइन उपलब्ध प्रमाण पत्र ही वैध माने जाएंगे, जबकि मैनुअल दस्तावेजों की मान्यता समाप्त हो गई है।

2016 से 2022 के बीच के कई रिकॉर्ड विभिन्न पोर्टलों में दर्ज होने के बावजूद संबंधित पोर्टल बंद होने से सत्यापन प्रभावित हुआ है। पहले स्थानीय स्तर पर होने वाला ऑनलाइन पंजीयन अब केवल जिला पंजीयक के अधिकार क्षेत्र में रहेगा, इसका मतलब उनकी ही अनुमति से पंजीयन हो सकेगा। अकेले बिलासपुर जिले में ऐसे लगभग 60 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

राज्य शासन ने नियम बदल कर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों की मान्यता को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल ऑनलाइन उपलब्ध प्रमाण पत्रों को ही वैध माना जाएगा, जबकि पूर्व में जारी मैनुअल प्रमाण पत्र किसी भी शासकीय अथवा अन्य आवश्यक कार्य में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस बदलाव का असर पूरे प्रदेश में पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग वर्षों में जारी प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी पोर्टलों पर दर्ज किए गए थे। इनमें वर्ष 2016 से 2020 तथा 2021-22 की अवधि के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा संबंधित पोर्टलों को बंद किए जाने के कारण इन वर्षों के दस्तावेजों तक पहुंच और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। इससे उन नागरिकों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें अपने पुराने प्रमाण पत्रों का उपयोग शिक्षा, नौकरी, संपत्ति, बैंकिंग या अन्य कार्यों में करना है।

विशेष बात यह है कि पूर्व में यदि किसी व्यक्ति के पास मैनुअल प्रमाण पत्र होता था, तो संबंधित रजिस्ट्रार दस्तावेजों का परीक्षण कर उसे ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज कर मान्य करते थे। यह अधिकार ग्राम पंचायतों में सचिवों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में नियुक्त रजिस्ट्रारों को प्राप्त था। लेकिन अब शासन ने यह व्यवस्था समाप्त कर दी है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन दर्ज करने और संबंधित अनुमोदन का अधिकार केवल जिला पंजीयक के पास केंद्रित कर दिया गया है। लेकिन इससे लंबित मामलों के निराकरण और नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जिन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र केवल ऑफलाइन बने हैं और उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, उन्हें आधार बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को सीधे हैदराबाद स्थित यूआईडीएआई कार्यालय जाने की सलाह दी जा रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोग स्थानीय स्तर पर समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि आधार पंजीकरण की प्रक्रिया आसान हो सके। जबकि जिला सांख्यिकी योजना अधिकारी एनके नेताम का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज दर्ज करने से पहले उनका मैनुअल जांच कर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही दस्तावेज ऑनलाइन हो सकेंगे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें