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हाथी प्रभावित वनांचल : में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

Jagbhan Yadav

Mon, Jun 22, 2026

-सूरजपुर के करमचन्द्र को मिला पक्का घर, हाथियों के भय और असुरक्षा से मिली राहत

रायपुर--छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों के लिए सुरक्षित आवास केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ वन्यजीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी  करमचन्द्र का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। यह गांव हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां हर वर्ष हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को भय और असुरक्षा के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और छत परिवार की चिंता को और बढ़ा देती थीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता मिलने के बाद  करमचन्द्र के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। योजना के अंतर्गत प्राप्त शासकीय सहायता तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से उपलब्ध श्रम सहयोग ने आवास निर्माण को गति प्रदान की। स्थानीय पंचायत, जनपद पंचायत और प्रशासनिक अमले के समन्वित प्रयासों से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कराया गया।

हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण निर्माण सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के सहयोग से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। हाथियों की मौसमी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवास का निर्माण समय पर पूर्ण किया गया।

आज  करमचन्द्र का परिवार मजबूत पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से निर्मित शौचालय ने परिवार की सुविधाओं में वृद्धि की है और खुले में जाने की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे वन्यजीवों से संभावित जोखिम भी कम हुआ है।

 करमचन्द्र बताते हैं कि पहले हाथियों के गांव के आसपास आने की सूचना मिलते ही पूरा परिवार भयभीत हो जाता था, लेकिन अब पक्के घर के कारण उन्हें सुरक्षा का विश्वास मिला है। उनके अनुसार यह आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है।

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