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"इलाज़ में लापरवाही या व्यवस्था की कमी? : गर्भवती महिला की दो ऑपरेशन के बाद दर्दनाक मौत, रायपुर एम्स ने नहीं किया भर्ती"

Jagbhan Yadav

Mon, Dec 8, 2025

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बलरामपुर जिले की रहने वाली सुनीता सिंह नौवें महीने की गर्भवती थीं और प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 4 दिसंबर को उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात करीब 1:30 बजे उनके पेट का ऑपरेशन किया गया, जिसमें 3.40 किलो का स्वस्थ बच्चा पैदा हुआ। उस समय स्थिति सामान्य थी और मां-बच्चे दोनों स्वस्थ बताए गए।

लेकिन अगले ही दिन शाम होते-होते सुनीता की हालत बिगड़ने लगी। ऑपरेशन वाली जगह पर अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। परिजनों द्वारा इसकी जानकारी देने पर अस्पताल में हड़कंप मच गया और सुनीता को तुरंत दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। जांच में सामने आया कि uterus ढीला होकर पेट में रक्तस्राव करवा रहा था। महिला की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने मजबूर होकर उसका uterus निकालना पड़ा।

दूसरे ऑपरेशन के बाद सुनीता को ब्लड चढ़ाया गया, फिर भी कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत तेजी से गिरने लगी। यूरिन बंद हो गया और शरीर की अन्य क्रियाएँ भी प्रभावित होने लगीं। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे तुरंत मेकाहारा अस्पताल और फिर एम्स लेकर पहुँचे, लेकिन वहाँ बेड न होने की बात कहते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया गया।

इलाज न मिलने और समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाने के कारण परिजन उसे वापस अंबिकापुर लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में ही सुनीता की मृत्यु हो गई। यह घटना परिजनों के लिए न सिर्फ सदमे का कारण बनी, बल्कि उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि बार-बार ऑपरेशन करने और समय पर सही इलाज न देने के कारण सुनीता की जान गई।

वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पहला ऑपरेशन पूरी तरह सफल था और मां-बच्चा दोनों ठीक थे, लेकिन अचानक ब्लीडिंग और uterus ढीला होने के कारण स्थिति गंभीर बनी। दूसरी सर्जरी मजबूरी में करनी पड़ी और स्थिति नाजुक होने पर ही उसे रायपुर रेफर किया गया।

यह मामला प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरे सवाल छोड़ जाता है—क्या समय पर समुचित इलाज मिल जाता तो सुनीता की जान बचाई जा सकती थी? और क्या बड़े अस्पतालों में बेड न मिलना इस तरह की दर्दनाक घटनाओं का कारण बन रहा है? इन प्रश्नों के उत्तर अब प्रशासनिक जांच पर निर्भर करेंगे।

Tags :

Chhattisgarh, Ambikapur, Medical Negligence, Pregnancy Case, Health System, Raipur AIIMS, Woman Death, Hospital Negligence

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