Friday 28th of August 2026

ब्रेकिंग

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने दिए सुझाव

अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, : स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

Jagbhan Yadav

Fri, Aug 14, 2026

रायपुर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश में राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने हाथों से तिरंगा ध्वज तैयार कर रही हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया अवसर भी प्रदान कर रही है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में तैयार किए गए तिरंगे अब सी-मार्ट के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। नागरिक इन हस्तनिर्मित तिरंगों को खरीदकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में फहरा रहे हैं।

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी


जिले में 07 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 06 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से तिरंगा निर्माण कार्य से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं ने अब तक 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिनमें 2490 तिरंगों की बिक्री हो चुकी है। तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई है। इस कार्य से समूहों को अब तक लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है।
महिलाएं कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों के संयोजन तथा अशोक चक्र लगाने तक की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर रही हैं। इससे न केवल उनके कौशल का विकास हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी


भवानी समूह की सदस्य सुधा प्रजापति ने बताया कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं समूह से जुड़ी रिंकी सोनी ने कहा कि सी-मार्ट के साथ-साथ जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगे खरीदकर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ सकें।
प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट को प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है। इससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को पहचान मिलने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें