मुख्यमंत्री के सुशासन संकल्प से आ रहा बदलाव : 314 में से 266 आवेदनों का ऑन द स्पॉट फैसला
Wed, May 6, 2026
00 कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 1 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं। जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि साय सरकार के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पत्थलगांव : कुनकुरी सड़क मरम्मत में आई तेजी
Wed, May 6, 2026
00 बलरामपुर में सुशासन तिहार की बैठक में मुख्यमंत्री ने जताई थी गहरी नाराजगी
00 बारिश से पहले यातायात सुगम बनाने पर जोर
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देश के बाद पत्थलगांव से कुनकुरी के बीच अपूर्ण सड़क भाग के मरम्मत कार्य में अब आई तेजी। विगत दिवस बलरामपुर में आयोजित सरगुजा संभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सड़क की खराब स्थिति और मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि अपूर्ण सड़क के कारण आमजन को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए इस मार्ग का शीघ्र सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता में रखा गया है।
शासन के प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी पत्र अनुसार पत्थलगांव-कुनकुरी मार्ग के अपूर्ण भाग के मरम्मत हेतु पूर्व में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मरम्मत कार्य को जोनल एजेंसी के माध्यम से शीघ्र शुरू किया जाएगा। यदि जोनल एजेंसी उपलब्ध नहीं होती है, तो संबंधित संभागों के प्रचलित अनुबंध के अंतर्गत भी कार्य संपादित किया जा सकेगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता अंबिकापुर को निर्देशित किया गया है कि वे मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक अपना मुख्यालय कुनकुरी में स्थापित करें, ताकि कार्यों की सतत निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोडऩे के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि सड़क मरम्मत में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस पहल से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि बरसात के दौरान संभावित बाधाओं से भी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तेज हुई यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और लंबे समय से लंबित इस सड़क सुधार कार्य को अब गति मिल रही है ।
संचार प्रणाली : के आधुनिकीकरण के लिए 4.98 करोड़ स्वीकृत
Wed, May 6, 2026
रायपुर।
रायपुर जिले के संभागीय कार्यालय विद्युत यांत्रिकी भारी संयत्र संभाग रायपुर जल संसाधन विभाग के अधीनस्थ विभिन्न कार्यालयों में संचार प्रणाली आधुनिकीकरण यथा कम्प्यूटर प्रिंटर एवं नेटवर्क प्रणाली आदि कार्य के लिए 04 करोड़ 98 लाख 02 हजार रुपये प्रशासकीय स्वीकृत किये गये हैं।