मातृशक्ति एवं प्रकृति : के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : साय
Wed, Jul 1, 2026
फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा को नमन कर प्राप्त किया आशीर्वाद
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।
भगवान राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु श्री राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर में अष्टविनायक रियल्टीज़ ला रहा है : अपने प्रोजेक्ट अभिनव सिटी में भव्य आवास मेला
Wed, Jul 1, 2026
00 प्रकृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम
रायपुर।
रायपुर के प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी और डेवलपर 'अष्टविनायक रियल्टीज़' और , 'अभिनव बिल्डर्स' शहरवासियों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आए हैं। 3, 4 और 5 जुलाई 2026 को, रायपुर के मोवा, दलदल सिवनी में स्थित उनके बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट 'अभिनव सिटी' में एक भव्य 'आवास मेला' आयोजित किया जा रहा है। प्रकृति के बीच एक नए युग की कम्युनिटी की परिकल्पना पर आधारित यह प्रोजेक्ट लग्ज़री, सुविधा और शांति का बेहतरीन मेल है।
विस्तृत आवासीय विकल्प
इस तीन -दिवसीय आवास मेले में ग्राहकों को उनकी आवश्यकता और बजट के अनुसार विविध विकल्प मिलेंगे:
प्रीमियम प्लॉट्स: ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार गार्डन प्लॉट्स, गार्डन फेसिंग प्लॉट्स, कॉर्नर प्लॉट्स या गार्डन फेसिंग और कॉर्नर प्लॉट्स का चयन कर सकते हैं। 2 और 3 बीएचके लग्ज़री अपार्टमेंट्स: आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखकर बनाए गए इन अपार्टमेंट्स में 2 बीएचके (1066 वर्ग फुट और 1125 वर्ग फुट सुपर बिल्ट-अप एरिया) रेरा कारपेट एरिया 672 वर्ग फुट और 714 वर्ग फुट और 3 बीएचके (1317 वर्ग फुट सुपर बिल्ट-अप एरिया) रेरा कारपेट एरिया 959 वर्ग फुट के शानदार विकल्प मौजूद हैं।
अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं
'अभिनव सिटी' अपने निवासियों को एक कम्पलीट वर्ल्डक्लास लाइफस्टाइल देने के लिए प्रतिबद्ध है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
आध्यात्मिक और प्राकृतिक :
मन की शांति के लिए परिसर में एक सुंदर मंदिर और हरियाली के लिए 10 विशाल गार्डन मौजूद हैं।
स्वास्थ्य और खेलकूद :
फिटनेस के लिए अत्याधुनिक जिम, स्विमिंग पूल, स्टीम बाथ, मल्टीपर्पस कोर्ट, और नेट क्रिकेट की सुविधा उपलब्ध है।
मनोरंजन और सामजिक आयोजन :
निवासियों के मनोरंजन के लिए मिनी थिएटर, इंडोर प्ले एरिया, म्यूजिक रूम, और पारिवारिक या सामाजिक आयोजनों के लिए कम्युनिटी हॉल की व्यवस्था है। बच्चों के लिए सुरक्षित किड्स प्ले एरिया भी बनाया गया है।
अतिरिक्त सुविधाएं :
मेहमानों के रुकने के लिए विशेष गेस्ट रूम्स हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे सिक्योरिटी के साथ पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
प्राइम लोकेशन
यह प्रोजेक्ट रायपुर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक में स्थित है, जहाँ से 30 और 40 फीट चौड़ी आंतरिक सड़कों के साथ 60 फीट चौड़ी मुख्य सड़क की कनेक्टिविटी है।
प्रकृति :
इंदिरा स्मृति वन (0.5 किमी)
शिक्षा और विज्ञान :
छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर (2.2 किमी), भवन्स स्कूल, नारायण टेक्नो स्कूल, और चैतन्य टेक्नो स्कूल (4 किमी)
स्वास्थ्य :
बालाजी हॉस्पिटल (2.5 किमी), इट्सा हॉस्पिटल (2.5 किमी)
शॉपिंग और एंटरटेनमेंट :
अंबुजा मॉल (2.9 किमी), रिलायंस स्मार्ट बाज़ार (3 किमी), डीकैथलॉन (3.8 किमी)
मुख्य केंद्र :
अवंती बाई चौक (5 किमी), पंडरी मार्केट (5.5 किमी), और रेलवे स्टेशन (8.5 किमी)
डेवलपर्स का विज़न और सन्देश
इस भव्य आयोजन और प्रोजेक्ट के विजन को लेकर अष्टविनायक रियल्टीज़ के सीएमडी , श्री संतोष लोहाना ने कहा: "हमारा उद्देश्य हमेशा से ही ग्राहकों को सिर्फ ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और सुरक्षित जीवनशैली प्रदान करना रहा है। 'अभिनव सिटी' को प्रकृति और आधुनिकता के अनूठे संगम के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जहाँ हर उम्र के लोगों की सुविधाओं का बारीकी से ध्यान रखा गया है।"
वहीं, अष्टविनायक रियल्टीज़ के एमडी , श्री प्रकाश लोहाना ने आवास मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा: "आगामी 3, 4 और 5 जुलाई को आयोजित होने वाला 'आवास मेला' बायर्स और इन्वेस्टर्स के लिए एक बेहतरीन अवसर है। हमारे प्रोजेक्ट की पारदर्शिता, इसकी प्राइम लोकेशन और विश्वस्तरीय सुविधाएं इसे रायपुर का सबसे बेहतरीन इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाती हैं। हम सभी शहरवासियों को इस मेले में आकर अपने सपनों का घर चुनने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं।"
आयोजन का विवरण
दिनांक:
3, 4 और 5 जुलाई 2026
स्थान: अभिनव सिटी, अंबुजा मॉल के पीछे, साइंस सेंटर के पास, दलदल सिवनी, मोवा, रायपुर (छ.ग.)
संपर्क:
8516003000
'अभिनव सिटी' का यह आवास मेला निवेश करने और अपने सपनों का घर खरीदने का एक बेहतरीन अवसर है। अधिक जानकारी के लिए आप दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
भोरमदेव जंगल सफारी : बनी छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म की नई पहचान
Wed, Jul 1, 2026
00 पर्यटन, प्रकृति और रोजगार का नया आयाम
00 एक माह में ही पहुंचे 480 से ज्यादा पर्यटक, युवाओं, महिला समूह, वन प्रबंधन समिति को पौने 3 लाख रुपए से अधिक की हुई आय
रायपुर।
ईको-टूरिज्म के तहत स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाए बिना लोगों को प्रकृति से जोडऩे की नई पहल शुरू की गई है, जिसमें पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शानदार मॉडल शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की इको-टूरिज्म पहल के तहत विकसित भोरमदेव जंगल सफारी संचालन के पहले ही महीने में छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म की नई पहचान बनकर उभरी है। जंगल सफारी प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है, सिर्फ एक माह में ही 489 से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे हैं, वहीं स्थानीय युवाओं, वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों को रोजगार एवं आमदनी के नए अवसर मिले हैं। भोरमदेव जंगल सफारी प्रकृति, रोमांच और स्थानीय विकास का सफल संगम बनी यह पहल भोरमदेव को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।
एक माह में पहुंचे सैंकड़ों पर्यटक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह जंगल सफारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव जंगल सफारी का उद्घाटन 3 मई को कर पर्यटकों के लिए इसका संचालन शुरू किया गया था। मानसून को देखते हुए 4 जून से सफारी को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। मात्र एक माह के संचालन के दौरान 480 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, जिससे पौने 3 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। बारिश के बाद नवंबर माह से इसका संचालन फिर से शुरू होगा।
पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों को मिला रोजगार
भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं। केवल एक महीने के संचालन में वाहन चालक, गाइड और गेट कीपर के रूप में कार्यरत 17 स्थानीय युवाओं ने 75 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की। वहीं वन प्रबंधन समिति को 92 हजार और वन विभाग को 26 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। सफारी परिसर में स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन भी पर्यटकों की पसंद बनी रही। एक माह में कैंटीन से 20 हजार रुपये से अधिक का मुनाफा हुआ, जिससे समूह की महिलाओं की आय बढ़ी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती मिली।
सिर्फ सफारी ही नहीं, उद्यान भी बना आकर्षण का केंद्र
जंगल सफारी के साथ-साथ भोरमदेव का प्राकृतिक उद्यान भी पर्यटकों की पसंद बन रहा है। सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों के अलावा 1500 से अधिक लोगों ने उद्यान का भी भ्रमण किया। इससे साफ है कि भोरमदेव क्षेत्र धीरे-धीरे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
वन्यजीवों की रोमांचक साइटिंग ने बढ़ाया आकर्षण
करीब 36 किलोमीटर लंबी जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को कई वन्यजीवों और पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिला। सफारी में भारतीय गौर, भालू, नीलगाय, सांभर, कोटरी (बार्किंग डियर), बाघ के पदचिह्न (टाइगर पगमार्क), जंगली मुर्गा, विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और रंग-बिरंगी तितलियां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहीं। घने जंगल, ऊंची पहाडिय़ां और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर वातावरण ने सफारी को रोमांचक और यादगार अनुभव बना दिया।
इको-टूरिज्म की नई पहचान
वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने बताया कि लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले भोरमदेव अभयारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के पास करियाआमा क्षेत्र में स्थित है, जहां से पर्यटक अपनी जंगल यात्रा शुरू करते हैं। इस सफारी के माध्यम से पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के समृद्ध वन, वन्यजीव, जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।