महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल : आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ….
Fri, Apr 24, 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। सूरजपुर जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम दर्रीपारा में बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 90 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य मौजूद रहीं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और बच्चों एवं माताओं को सुपोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी।
ग्राम दर्रीपारा में स्थापित इस अत्याधुनिक यूनिट के माध्यम से परियोजना रामानुजनगर के 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यूनिट में लगभग 30 मीट्रिक टन पोषण आहार का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध हो सकेगा।
यह पहल न केवल कुपोषण की चुनौती से निपटने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ अब उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम सशक्त महिला की अवधारणा को साकार करने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से पोषण आहार की गुणवत्ता, ताजगी एवं आपूर्ति व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
यह यूनिट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्थानीय उद्यमिता के त्रिवेणी संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। प्रशासन द्वारा इस प्रकार के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके।
महतारी वंदन से संवर रहा : भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..
Fri, Apr 24, 2026
रायपुर:
राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से महिलाएं न केवल घरेलू जरूरतों की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी रख रही हैं।
मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर निवासी मनीषा बंजारा महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रूपए सहायता राशि से परिवार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपनी बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का अवसर मिला है। इससे परिवार के आर्थिक बोझ में कमी आई है और बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी हुई है।
मनीषा बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि का वे सुनियोजित उपयोग कर रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे नियमित रूप से बचत कर रही हैं। मनीषा के अनुसार, महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक संबल प्रदान किया है, जिससे वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
बारहमासी सड़क : से जुड़ गया पहाड़ों के बीच बसा चाऊरडोंगरी….
Fri, Apr 24, 2026
रायपुर:
कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम चाऊरडोंगरी, जो कभी दुर्गम पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी से जूझता था, अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित पक्की सड़क ने इस गांव के लोगों के जीवन में नई उम्मीद और सुविधाओं एक नया मार्ग तैयार किया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अमनिया बांगर रोड राहीडांड से चाऊरडोंगरी तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है। करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सड़क को पहाड़ों की कटिंग कर बनाया गया है, जिससे यह क्षेत्र अब बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ गया है। पहले इस पहाड़ी गांव तक पहुंचना बेहद कठिन था, विशेषकर बारिश के मौसम में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते थे। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिलना भी मुश्किल था। अब सड़क निर्माण के बाद गांव तक आवागमन सुगम हो गया है और वाहन सीधे पहुंचने लगे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले चाऊरडोंगरी से कुई और पंडरिया तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग नहीं था, जिससे आवश्यक सामग्री लाने में काफी परेशानी होती थी। अब सड़क बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हुई है और समय पर उपचार संभव हो पाया है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पहले उनका गांव सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित था, लेकिन अब शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से तेजी से बदलाव आया है। पक्की सड़क बनने से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंच रहा है।
कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चाऊरडोंगरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। चाऊरडोंगरी गांव अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। पक्की सड़क से यहां के लोगों का जीवन आसान हुआ है और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है।