उपमुख्यमंत्री अरुण साव : 11 अगस्त को कांकेर दौरे पर
Mon, Aug 10, 2026
कांकेर
। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मंगलवार, 11 अगस्त को कांकेर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे सुबह तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे और शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर स्थित मिनी स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री विश्वनाथ गढ़ का दौरा करेंगे। दोपहर 12 बजे कांकेर से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे।
राजगढ़ में बड़ा हादसा : पुल से फिसलकर नाले में गिरी कार, सात की मौत
Mon, Aug 10, 2026
मृतकों में दो बच्चे शामिल, तीन लोगों ने तैरकर बचाई जान; एक लापता की तलाश जारी
भोपाल
। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार को तेज बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। पड़ाना के पास झिरी नाले के तेज बहाव में एक ईको कार बहकर नाले में गिर गई। कार में देवास जिले के सतवास क्षेत्र के 11 लोग सवार थे। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। लापता व्यक्ति की तलाश में राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहा है।
जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के रहने वाले थे और सतवास से कड़लावद गांव जा रहे थे। इसी दौरान पड़ाना के पास झिरी नाले पर बने पुल को पार करते समय हादसा हुआ। बताया गया कि झिरी नाले पर करीब 30 फुट लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव काफी तेज था। इसके बावजूद चालक ने वाहन को तेज बहाव के बीच से निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान पानी का दबाव बढऩे से कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और बहाव में बह गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। तीन लोग किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन अन्य लोग पानी के तेज बहाव में बह गए। बताया गया है कि ईको कार में कुल तीन पुरुष, चार महिलाएं और चार बच्चे सवार थे। हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। मृतकों में तीन पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल बताए गए हैं। इनमें एक बच्चा करीब तीन वर्ष का बताया जा रहा है। एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
हादसे में बच्चों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा तथा लापता लोगों की तलाश शुरू की गई। प्रशासन की टीम ने बचाव अभियान के दौरान क्रेन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला। पानी का बहाव तेज होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वाहन का पंजीकरण क्रमांक एमपी 09 बीजे 4684 बताया गया है और वाहन इंदौर का बताया जा रहा है। फिलहाल मृतकों की आधिकारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है। राजगढ़ के अनुविभागीय दंडाधिकारी रोहित बम्होरे ने बताया कि पुल पर पानी होने के कारण ईको कार नाले में गिर गई। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए थे।
उन्होंने बताया कि लापता व्यक्ति की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। कार को क्रेन की सहायता से नाले से बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। झिरी नाले में तेज बहाव के बावजूद वाहन को पुल से निकालने की कोशिश इस दर्दनाक हादसे की वजह बनी। घटना ने बारिश के मौसम में उफनते नालों और निर्माणाधीन पुलों से गुजरने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है और लापता व्यक्ति की तलाश जारी है।
राज्य महिला आयोग की : अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं
Mon, Aug 10, 2026
जनसुनवाई में कई मामलों का हुआ निराकरण, भरण-पोषण और महिला सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
रायपुर :-
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने आज रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा तथा कार्यस्थल पर शोषण से संबंधित कुल 32 प्रकरणों पर विचार किया गया, जिनमें कई मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्ज हुई। इस अवसर पर आयोग की सदस्यगण सरला कोसरिया , ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका सोरी भी उपस्थित रहीं।
डॉ. ममता साहू ने सुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण पर जोर दिया। आयोग की समझाइश से एक प्रकरण में 1500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने पर सहमति बनी, जिससे संबंधित महिला को राहत मिली।
कार्यस्थल पर महिलाओं के आर्थिक शोषण से जुड़े मामलों को भी आयोग ने गंभीरता से लिया। इस संबंध में डॉ. साहू ने संबंधित महिलाओं को एफआईआर दर्ज कराने तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक और सेवा क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में आयोग ने आवश्यक कानूनी परामर्श प्रदान करते हुए संबंधित पक्षों को विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा, न्याय और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।