दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता : का सशक्त माध्यम: लक्ष्मी राजवाड़े
Sat, Apr 18, 2026
55 महिलाओं को मिला लघु उद्योग का व्यावहारिक ज्ञान
रायपुर।
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल और मार्गदर्शन में संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की लगभग 55 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं।
भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन कर उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ और उन्होंने अपने क्षेत्रों में छोटे स्तर पर प्लांट स्थापित कर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की।
इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इच्छुक महिला स्व सहायता समूहों को सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि दिशा दर्शन भ्रमण योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से अग्रसर कर रही है।
भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली : संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि
Sat, Apr 18, 2026
उप मुख्यमंत्री साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि रायपुर ।
भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।
संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।
सव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।
जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत
दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।
संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।
संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।
लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह
संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।
वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।
बस्तर जिले में बाल विवाह : के खिलाफ पहली एफआईआर हुई दर्ज
Sat, Apr 18, 2026
जगदलपुर।
बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली बार सख्त कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण विभाग की पहल पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया हैमिली जानकारी के अनुसार यह घटना जगदलपुर ब्लॉक की है, जहां 21 मार्च 2026 को एक विवाह समारोह संपन्न हुआ था। शुरुआत में यह सामान्य विवाह प्रतीत हुआ, लेकिन शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी। जांच में पुष्टि के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कराया। इस प्रकरण में वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि बाल विवाह को लेकर बस्तर जिले में पिछले चार वर्षों में 15 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में पहले केवल समझाइश देकर छोड़ दिया गया था।
उल्लेख्निय है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह अपराध है। बाल विवाह में सहयोग या शामिल होने वालों को अधिकतम 2 साल सजा या 1 लाख तक जुर्माना, कुछ मामलों में दोनों का प्रावधान है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।