राज्यपाल डेका : ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन
Sun, Apr 5, 2026
रायपुर।
राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।
इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने जसक्राफ्ट ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।
इस दौरान देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
राज्यपाल डेका ने जशपुर के मातृत्व : वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण
Sun, Apr 5, 2026
रायपुर।
राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढिय़ों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।
मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
बकाया बिल से छुटकारा : छत्तीसगढ़ सरकार की समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
Sun, Apr 5, 2026
बिलासपुर।
मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना ने लोगों की मुश्किलें काफी हद तक आसान कर दी हैं। 12 मार्च से शुरू हुई इस योजना का मकसद है पुराने बकाया बिजली बिलों से उपभोक्ताओं को राहत देना… और अब इसका असर ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। इस योजना के तहत वर्ष 2023 के बकाया बिलों में मूलधन पर आकर्षक छूट दी जा रही है। खास बात यह है कि बीपीएल कनेक्शन धारकों को सबसे ज्यादा फायदा मिल रहा है… उन्हें मूल राशि पर 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज पर 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। यानी पुराने भारी भरकम बिल अब काफी हल्के हो चुके हैं।
वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी निर्धारित नियमों के अनुसार राहत मिल रही है, जिससे आम लोगों में खुशी का माहौल है। बिलासपुर जिले में इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता एस.के. जांगड़े के अनुसार बिलासपुर, मुंगेली और पेंड्रा जिलों में करीब 1 लाख 40 हजार उपभोक्ताओं को इस योजना से लाभ देना लक्ष्य है। अब तक लगभग 93 हजार लोगों तक विभाग पहुंच चुका है।
बिजली विभाग गांव-गांव शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है।ताकि हर पात्र व्यक्ति इस योजना का फायदा उठाकर अपने बकाया से मुक्त हो सके।