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: दुर्ग : नर्स की दर्दनाक मौत , दुर्ग की सड़कों पर खुला गड्ढा बना मौत का कारण , स्कूटी फिसलकर हुई मौत , 2 बच्चो के सिर से उठा माँ का साया...

Jagbhan Yadav

Sun, Dec 1, 2024

भिलाई न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नगर निगम की लापरवाही ने एक परिवार से उसकी खुशियां छीन लीं। दुर्ग जिला अस्पताल में कार्यरत नर्स संध्या यादव का शनिवार शाम एक हादसे में निधन हो गया। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई, जहां सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे और कीचड़ ने जानलेवा साबित होकर एक परिवार को उजाड़ दिया।  

हादसे की पृष्ठभूमि

संध्या यादव, जो अपने पति सुरेश यादव और दो बेटियों के साथ शासकीय आवास में रहती थीं, शनिवार की शाम बच्चों के लिए तिब्बत मार्केट से स्वेटर खरीदने गईं। स्वेटर का रंग बच्चों को पसंद नहीं आया, तो वह अपनी नौकरानी के साथ उसे बदलने के लिए फिर से स्कूटी से निकलीं। लौटते समय आरटीओ ऑफिस के पास कीचड़ में स्कूटी फिसल गई। संध्या सड़क पर गिरीं और पीछे से आ रही बाइक ने उन्हें कुचल दिया।  

सुरक्षा उपायों की कमी बनी जानलेवा  

घटना स्थल पर नगर निगम ने पाइपलाइन मरम्मत के लिए गड्ढा खोदा था। न वहां कोई सुरक्षा घेरा था, न ही संकेतक। लगातार पानी रिसने के कारण सड़क कीचड़ में बदल गई थी। इसी लापरवाही के कारण संध्या की जान चली गई।  

परिवार पर दुखों का पहाड़

संध्या के पति सुरेश यादव का कहना है कि उनकी पत्नी की मौत निगम प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा है। हादसे के बाद वह खुद मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां की फिसलन के कारण वह भी गिर गए।  

संध्या की छोटी बेटी सानवी (18 महीने) को अभी मां की मौत का पता नहीं है, लेकिन 11 वर्षीय स्वधा गहरे सदमे में है। उसकी एक ही रट है, "मम्मा मिस यू... मम्मा आई लव यू।"  

अंतिम विदाई और न्याय की मांग  

रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद संध्या का शव परिवार को सौंप दिया गया। मुक्तिधाम में उनकी अंतिम विदाई हुई। परिवार और स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से इस हादसे के लिए जवाबदेही तय करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को खत्म करने की मांग की है।  

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