जिला सहकारी बैंक में केसीसी लोन की राशि में गबन : वसूली की प्रक्रिया जारी
Sat, Jan 24, 2026
दुर्ग:
छत्तीसगढ़ में केसीसी लोन में बड़े पैमाने में गड़बड़ी उजागर हो रही है. दुर्ग संभाग के बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्रांच में भी KCC लोन के नाम पर फर्जीवाडा हुआ. दुर्ग जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अधीन आने वाले नवागढ़ और नेवसा सेवा सहकारी सोसाइटी से करीब एक करोड़ 97 लाख रुपए का गबन उजगार हुआ है. इस मामले में कार्रवाई के साथ ही गबन की राशि की वसूली प्रक्रिया जारी है.
केसीसी लोन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने बताया कि यह मामला 2021 में हुआ. दुर्ग जिला में बेमेतरा जिला के अंतर्गत नवागढ़ सोसायटी और नेवसा सोसायटी में बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ. उप पंजीयक को घटना के बारे में बताया गया. जिसके बाद धारा 64 के तहत अध्यक्ष और शाखा प्रबंधक को नोटिस दिया गया. इस मामले की जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे मामले में बैंक के कर्मचारी की संलिप्तता है जिसे अपने वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण मिला और उनसे करीब 2 करोड़ की राशि में हेरफेर की.
1 करोड़ 97 लाख का गबन
प्रीतपाल बेलचंदन ने बताया कि नरेंद्र ठाकुर नाम के बैंक कर्मचारी ने विकासखंड में गलत ढंग से वातावरण बनाकर नियम विपरीत काम केसीसी होल्डर के साथ किया. दोनों सोसायटी में करीब 2 करोड़ रुपये का गबन किया गया.
गबन की राशि की वसूली
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ने आगे बताया कि इस मामले में आरोपी बैंक कर्मचारी पर एफआईआर की गई. उसे टर्मिनेट किया गया. अभी भी एफआईआर के लिए बैंक अधिकारी संपर्क में रहते हैं. स्थानीय पुलिस में शिकायत की गई. पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है. सहकारी बैंक से गबन की राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है.
अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने आरोप लगाया कि इस मामले में बैंक के अधिकारी संलिप्त रहे हैं. जो राजनेताओं के संरक्षण में रहे हैं उनकी मिलीभगत से बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है. आरोपियों को सजा दी गई है लेकिन सिर्फ सजा काफी नहीं है, बैंक की राशि की भी वसूली होना है, जो की जा रही है.
दुर्ग में कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता ने की आत्मदाह की कोशिश : हालत गंभीर
Sat, Jan 24, 2026
दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुद पर मिट्टी तेल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की. महिला को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल दाखिल कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे रायपुर रेफर कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का नाम शबाना निशा उर्फ रानी (37) है. जो दुर्ग के पचरीपारा में किराए के मकान में रहती थी. पीड़िता के मामा लियाकत अली ने बताया कि शबाना चाहती थी कि वह जिस मकान में रह रही है, उसे जमीन मालिक बेच दे, ताकि वह वहीं रह सके, लेकिन कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली. इस घटना में वह 95 फीसदी झुलस गई. पीड़िता को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
पार्षद का चुनाव लड़ चुकी है शबाना निशा
शबाना निशा का राजनीतिक जीवन भी रहा है. वह पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव लड़ चुकी है. आग लगते ही शबाना धधकती हुई घर से बाहर निकली, जिसे देखकर पुलिस और कोर्ट स्टाफ पीछे हट गया. आसपास मौजूद लोगों ने चादर की मदद से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वह करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी. उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया.
40 से 45 सालों से किराए के मकान में रह रही थी
पीड़िता के मामा लियाकत अली ने बताया कि वह पिछले 40 से 45 सालों से मकान में किराए पर रह रही थी. 4-5 महीनों से घर खाली करने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था. टीम आई थी. इस दौरान उसने खुद को आग लगा ली. जिसे देख टीम मौके से भाग निकली.
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि महिला के आत्मदाह के प्रयास की सूचना मिली थी. महिला को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है. फिलहाल स्थिति स्थिर बताई जा रही है. रायपुर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है. स्थिति में सुधार होने पर मृत्युकालिक कथन लिया जाएगा.
CG : भिलाई स्पंज आयरन प्लांट में हादसा, कर्मचारी की दर्दनाक की मौत
Sat, Jan 24, 2026
भिलाई।
औद्योगिक क्षेत्र भिलाई के स्पंज आयरन प्लांट सिसकॉल में एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें एक कर्मचारी की मेटल लिफ्टिंग के दौरान मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान लेखराम कौशल के रूप में हुई, जो प्लांट में फ़ीटर के पद पर कार्यरत थे।
जानकारी के अनुसार, कंपनी में फर्स्ट शिफ्ट में काम करने आया गणेश नगर, वार्ड- 5, जामुल निवासी लेखराम कौशल (34 वर्षीय) सुबद 6:30 के आस-पास हादसे का शिकार हुआ। बताया जा रहा है कि क्रेन से लोहे का सामान हटाते वक्त लेखराम अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया, जिसके बाद भारी जॉब गिरने से उसके सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने प्लांट प्रबंधन से उचित मुआवजे, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था और परिवार के एक सदस्य के लिए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की। प्लांट प्रबंधन ने परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने और अन्य मांगों को नियमानुसार पूरा करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, कर्मचारियों ने बताया कि प्लांट में कर्मचारियों की कमी के कारण वर्कलोड बढ़ा हुआ है, जिससे ऐसे हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है
प्लांट प्रबंधन और अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और हादसे की जांच भी की जा रही है।