Monday 6th of July 2026

ब्रेकिंग

में हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन हेतु निःशुल्क ई-सुविधा केंद्र शुरू

विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान….

शनि 27 जुलाई से होंगे वक्री, इन 5 राशियों पर मंडराएगा खतरा... 18 नवंबर तक रहें सावधान!

की जयंती पर वन मंत्री कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि

भरोसे का नया सहारा ‘वीबी-जी राम जी’

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

अब स्कूलों के रंगों को लेकर घिरी पंजाब सरकार! : AAP के झंडे जैसे रंगों पर मचा घमासान

Jagbhan Yadav

Sun, Feb 1, 2026

पंजाब डैस्क : राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पंजाब सरकार द्वारा 852 सरकारी स्कूलों को नीले और पीले रंग में रंगने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि ये रंग सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के झंडे के रंग जैसे हैं। कुछ विपक्षी दलों ने इस कदम को आम आदमी पार्टी (AAP) की “राजनीतिक ब्रांडिंग” बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि सरकार इसे स्कूलों के सौंदर्यीकरण से जोड़कर देख रही है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ स्कूल एजुकेशन (DGSE) के आदेश के अनुसार, राज्य के 23 ज़िलों में स्थित मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को पहले चरण में रंग-रोगन और कलर कोडिंग के दायरे में लाया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 17.44 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। आदेश के तहत स्कूलों की बाहरी दीवारों, बरामदों और गलियारों को “एग कस्टर्ड” और “एनामेल रैप्सडी” रंग में रंगा जाएगा, जबकि कक्षाओं की अंदरूनी दीवारों के लिए अलग रंग तय किए गए हैं। हालांकि, आदेश के साथ जारी तस्वीरों में स्कूलों की बाहरी संरचना नीले और पीले रंग में दिखाई दे रही है, जिसे लेकर सवाल उठाए गए हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह ज़िले संगरूर में सबसे अधिक 102 स्कूल इस योजना में शामिल किए गए हैं। वहीं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गृह ज़िले रूपनगर में 37 स्कूलों का रंग-रोगन किया जाएगा। इसके अलावा अमृतसर में 84, लुधियाना में 70, पटियाला और फाज़िल्का में 63-63 स्कूल शामिल हैं।

वहीं इस आदेश के बाद पंजाब सरकार निशाने पर आ गई है तथा आरोप लग रहे हैं कि “आम आदमी पार्टी का पंजाब भर के सरकारी स्कूलों को अपनी पार्टी के झंडे के रंगों में रंगने का आदेश न केवल बेहद शर्मनाक है, बल्कि यह शिक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा भी है। ” “स्कूल और बच्चे किसी भी राजनीतिक पार्टी के प्रचार के साधन नहीं हैं। सरकारी स्कूल राज्य की संपत्ति हैं, किसी एक राजनीतिक पार्टी की नहीं।
 

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें