Monday 26th of October 2026

ब्रेकिंग

भद्रा का साया नहीं, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, रायपुर समेत प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

सुबह 11:48 से दोपहर 12:33 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, जानें राहुकाल

आज मेष, सिंह और मकर राशि वालों को मिल सकती है बड़ी सफलता, अन्य जातक जानें शुभ रंग और भाग्य अंक

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ऐलान

प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची स्मृति ईरानी

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

सीमाएं सुरक्षित हुए बिना भारत सुरक्षित नहीं रह सकता : गृह मंत्री अमित शाह

Jagbhan Yadav

Fri, Aug 21, 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है।

उन्होंने कहा कि उनके कई बार अनुरोध करने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई।

अमित शाह ने कहा कि राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यक्रमों में कभी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने इस परंपरा को तोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने सिलीगुड़ी स्थित एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैंने बीएसएफ द्वारा सीमा पर बाड़ लगाए जाने के लिए जमीन देने की कई बार गुहार लगाई लेकिन (पूर्व मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने इसे अनसुना कर दिया। मैं सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की मांग 2014 से कर रहा था। राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद ही हमें यह जमीन मिली।’’

उन्होंने कहा कि एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है और सीमावर्ती बलों के समारोहों से पूर्व मुख्यमंत्रियों की दूरी ने गलत संदेश दिया। गृह मंत्री ने कहा कि वह आजादी के बाद देश में बनीं पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को उचित सम्मान नहीं दिए जाने से दुखी थे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया लेकिन इससे पहले भारत में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण कभी नहीं गाया गया था। मुझे इस बात की तसल्ली है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा इसकी रचना के 150वें वर्ष में देश ने इस गीत को आखिरकार उचित मान्यता दी है।’

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें