प्रह्लाद जोशी की दक्षिण अफ्रीका : इंडोनेशिया और ईरान के मंत्रियों से मुलाकात, शिक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
Jagbhan Yadav
Fri, Aug 7, 2026केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। बातचीत में शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और अकादमिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका के मंत्रियों से शिक्षा साझेदारी पर चर्चा
प्रह्लाद जोशी ने दक्षिण अफ्रीका की बेसिक एजुकेशन मंत्री सिविवे ग्वारुबे और उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण की उप मंत्री डॉ. नोमुसा ड्यूबे-नक्यूब के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने बताया कि बातचीत में प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
निपुण भारत और स्वयं जैसी पहलों का साझा किया अनुभव
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया गया। भारत की निपुण भारत, परख, स्वयं और समर्थ जैसी सफल पहलों के अनुभव भी साझा किए गए।
शिक्षा समझौतों को जल्द पूरा करने पर जोर
दोनों पक्षों ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रस्तावित समझौतों पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने और उन्हें जल्द पूरा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शिक्षा सहयोग को गहरा करना और आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ पहुंचाना है।
इंडोनेशिया के मंत्री से उच्च शिक्षा और शोध पर मंथन
ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान प्रह्लाद जोशी ने इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रायन युलियार्तो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
आईआईटी मद्रास और इंडोनेशिया के बीच एमओयू का स्वागत
जोशी ने आईआईटी मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन और इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास में सहयोग मजबूत होगा तथा दोनों देशों के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
ईरान के मंत्री से सभ्यतागत संबंधों पर चर्चा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ईरान के कार्यवाहक विज्ञान, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रो. मसूद शम्स-बख्श से भी मुलाकात की। भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को आधुनिक शिक्षा, शोध, प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर
जोशी ने कहा कि दोनों देशों के संस्थानों के बीच संबंधों को और मजबूत करने, शैक्षणिक एवं शोध सहयोग बढ़ाने और छात्रों तथा शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने डिजिटल शिक्षा के माध्यम से भारत-ईरान के बीच ज्ञान आधारित साझेदारी को और गहरा करने पर भी जोर दिया।
युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान के साथ शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
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