Tuesday 25th of August 2026

ब्रेकिंग

जंगल में मिला नक्सल डंप, भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ ऑटोमेटिक हथियार जब्त

पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की….

दो करोड़ रुपये के गांजे के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

क्या होगा सूतक काल और भद्रा का समय, जानें 10 बड़ी बातें

विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन, : परीक्षा सुधार से ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद तक कई मुद्दों पर रखी बात

Jagbhan Yadav

Fri, Aug 14, 2026

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। अपने संदेश में उन्होंने देश की उपलब्धियों, युवाओं के भविष्य, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद के खात्मे और विकसित भारत के लक्ष्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

राष्ट्रपति ने सबसे पहले देशवासियों और विशेष रूप से पारसी समुदाय को नवरोज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरोज नई शुरुआत और नई उम्मीद का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह पर्व सभी नागरिकों को समावेशी और विकसित भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने भारत के विकास में पारसी समुदाय के योगदान की भी सराहना की।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने सार्वजनिक परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अनुचित साधनों पर रोक लगाना और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज की भी है।

युवा देश की बड़ी ताकत

राष्ट्रपति ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आज युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के मजबूत भविष्य के लिए जरूरी बताया।

 

राष्ट्रपति ने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं के विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की सराहना

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक कार्रवाई करने की क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे कहीं भी छिप जाएं, उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी होगी। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ को भी याद किया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ी उपलब्धि बताया

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने एक बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

राष्ट्रपति ने बस्तर ओलिंपिक और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों का भी जिक्र किया और कहा कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की भागीदारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।

सभी को समय पर न्याय मिलने पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने न्याय व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने न्यायपालिका और उससे जुड़े सभी पक्षों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि आर्थिक या सामाजिक संसाधनों की कमी के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से वंचित वर्गों को सम्मान के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका को याद किया। उन्होंने इसे देशवासियों को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में ऊर्जा भरने वाला गीत बताया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें