: आखिर कौन थे संत वेलेंटाइन जिनकी याद में मनाया जाता है प्यार का दिन…
Fri, Feb 14, 2025
नई
दिल्ली
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हर साल 7 फरवरी को रोज डे के साथ प्यार का सप्ताह मनाने की शुरुआत हो जाती है, जिसे वेलेंटाइन वीक के नाम से जाना जाता है। इस क्रम में प्रपोज डे, चॉकलेट डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे, किस डे और आखिर में वेलेंटाइन डे मनाया जाता है।
इस सभी में वेलेंटाइन डे को सबसे खास माना जाता है, जिसे कई देशों में बड़े ही खास तरीके से सेलिब्रेट किया जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वेलेंटाइन डे असल में एक संत के बलिदान से जुड़ा है।
कौन थे वेलेंटाइन
वेलेंटाइन डे मनाने के पीछे कई किंवदंतियां मिलती हैं, लेकिन सबसे लोकप्रिय संत वेलेंटाइन की कहानी है, जिसके अनुसार वह तीसरी शताब्दी में एक रोमन पादरी थे। रोमन के सम्राट क्लॉडियस द्वितीय का मानना था कि सैनिक प्यार करने लगेंगे, तो इससे उनका ध्यान भटक सकता है, वहीं अकेले रहकर वह बेहतर लड़ सकते हैं।
इसलिए उन्होंने सैनिकों के विवाह पर रोक लगा दी थी। इस दौरान संत वेलेंटाइन ने चौरी-छिपे कई सैनिकों की शादी करवाई थी। एक दिन उन्हें पकड़ लिया गया, जेल में डाल दिया गया। 269 ई. में 14 फरवरी को उन्हें मौत की सजा दी गई।
इस तरह हुई शुरुआत
संत वेलेंटाइन प्यार का प्रचारक थे, इसलिए लोगों ने यह माना की उन्होंने दुनिया को प्यार का संदेश देने के लिए अपने प्राणों की बलि दी है। इसलिए 14 फरवरी का दिन प्यार के दिन के रूप में सेलिब्रेट करने के लिए वैलेंटाइन डे मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन के बाद से ही रोम समेत दुनियाभर में प्यार का दिन मनाया जाने लगा।
: बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी पर मचा बवाल, विपक्ष ने कहा- ‘सस्ता करो’
Thu, Feb 13, 2025
बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी पर BRS ने तेलंगाना सरकार पर हमला किया। BRS प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने इसे उपभोक्ताओं पर ‘आर्थिक बोझ’ और सरकार की ‘पूंजीपतियों के साथ सांठगांठ’ बताया…
हैदराबाद (ए)।
तेलंगाना में बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर बवाल मच गया है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्र समिति यानी कि BRS ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। BRS प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से तेलंगाना के लोग ‘बुरी तरह निराश’ हैं, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं पर ‘आर्थिक बोझ’ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम ‘पूंजीपतियों’ के साथ उनकी सांठगांठ की पोल खोलता है। सस्ता करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को लिखे पत्र में श्रवण ने यह भी कहा कि बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी उन लोगों के साथ ‘सरासर विश्वासघात’ है, जिन्होंने चुनाव से पहले तथाकथित सिद्धांतों की बयानबाजी पर भरोसा किया और कांग्रेस को वोट दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की कार्रवाई उसके पाखंड, राजनीतिक अवसरवाद और पूंजीपतियों के साथ लेन-देन की पोल खोलती है।
BRS नेता ने पत्र में लिखा, ‘तेलंगाना के लोग आपकी सरकार द्वारा बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी से बुरी तरह निराश हैं। यह केवल उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए विश्वासघात भी है, जिन्होंने चुनाव से पहले आपके तथाकथित सिद्धांतों पर विश्वास किया और आपको वोट दिया।’
बता दें कि तेलंगाना सरकार ने 11 फरवरी को तेलंगाना बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGBCL) को बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की इजाजत दी थी। यह फैसला ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के एक अनुरोध के बाद लिया गया था और यह सब कुछ यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (UBL) द्वारा सप्लाई रोकने के बाद हुआ। श्रवण ने आरोप लगाया कि कुछ हफ्ते पहले राज्य सरकार ने यह वादा किया था कि वह शराब कंपनियों के दबाव में आकर कीमतों में वृद्धि नहीं करेगी और शराब लॉबी राज्य की नीतियों पर प्रभाव नहीं डालेगी, लेकिन अब लग रहा है कि शराब लॉबी ने सरकार को अपनी शर्तों पर झुका लिया है।
श्रवण दासजू ने आगे कहा कि यह कीमत वृद्धि ‘रेवंत रेड्डी टैक्स (RR Tax)’ के रूप में एक साजिश लगती है, जिसे सामान्य आदमी पर थोपकर निजी बीयर उत्पादकों और पूंजीपतियों के फायदे के लिए लागू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड द्वारा TGBCL को बीयर की सप्लाई बंद करने के तुरंत बाद कीमतों में वृद्धि ने इस बात को संदेहास्पद बना दिया है कि क्या सरकार ने बीयर निर्माताओं के साथ सांठगांठ की है। श्रवण ने सरकार से इस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
: TRAI का नया नियम, फर्जी कॉल और मैसेज पर सख्त कार्रवाई, 10 लाख तक का जुर्माना
Thu, Feb 13, 2025
TRAI ने फर्जी कमर्शियल कॉल्स और मैसेज के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। यह गाइडलाइंस पहले के मुकाबले और सख्त बनाई गई है। साथ ही, DND ऐप को भी अपग्रेड किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा…
नईदिल्ली (ए)।
TRAI ने फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए नियम को और सख्त बना दिया है। दूरसंचार नियामक ने मार्केटिंग वाले फर्जी कॉल्स करने वालों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की बात कही है। साथ ही, नए DND यानी डू-नॉट-डिस्टर्ब ऐप को भी लॉन्च किया गया है, ताकि मोबाइल यूजर्स अपनी फ्रिफरेंस के हिसाब से मार्केटिंग कॉल्स को सेट कर सके। दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रिफरेंस रेगुलेशन्स (TCCCPR) की नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। इसमें फर्जी कॉल्स और मैसेज को लेकर 2 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है। बार-बार नियमों के उल्लंघन करने वालों को 10 लाख रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है।
फाइनेंशियल फर्जी कॉल्स के लिए पहले उल्लंघन पर 2 लाख रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 5 लाख रुपये और बार-बार उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना अनसोलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (UCC) यानी अनचाहे वाणिज्यिक संचार पर लगाया जाएगा। इसके अलावा दूरसंचार नियामक ने DND ऐप का नया अपडेट रिलीज किया है, जिसमें फर्जी मैसेज के ब्लॉक करने से लेकर शिकायत दर्ज करने और शिकायत पर की गई कार्रवाई को ट्रैक करने की भी सुविधा अब मिलने लगेगी।
TRAI ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस नई गाइडलाइंस की डिटेल शेयर की है। नई गाइडलाइंस के नियम केवल मोबाइल नंबर पर किए जाने वाले कॉल या मैसेज पर लागू होगा। वहीं, OTT ऐप्स जैसे वाट्सऐप पर यह नया नियम लागू नहीं होगा। हालांकि, नियामक ने दूरसंचार कंपनियों Airtel, Jio, Vi और BSNL को कॉल और SMS के पैरामीटर का विश्लेषण करना भी अनिवार्य कर दिया है। जिनमें यूजर्स के नंबर पर आने वाले हाई कॉल वॉल्यूम, SMS पैटर्न, शॉर्ट कॉल ड्यूरेशन, बार-बार SIM कार्ड बदलने आदि को रीयल टाइम में मॉनिटर करने के लिए कहा गया है।
दूरसंचार नियामक ने ग्राहकों को अपने नंबर पर आने वाले फर्जी कॉल और मैसेज की शिकायत करने के समय-सीम को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन तक कर दिया है। इसके अलावा किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करने की समय-सीमा को 30 दिन से घटाकर 5 दिन कर दिया गया है। इस नए बदलाव का फायदा करोड़ों मोबाइल यूजर्स को मिलेगा। उनकी शिकायत पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सकेगी। इस नियम के लागू होने के बाद बिना पंजीकृत किए गए टेलीमार्केटर यूजर्स को कॉल नहीं कर पाएंगे।
नए नियम के तहत मोबाइल यूजर्स किसी भी कमर्शियल मैसेज को आसानी से पहचान सकेंगे। रजिस्टर्ड टेलीमार्केटर वाले मैसेज के हेडर ‘-P’, ‘-S’, ‘-T’ और ‘-G’ से खत्म होंगे। ये प्रमोशनल, सर्विस, ट्रांजैक्शनल और सरकारी मैसेज की पहचान के लिए होंगे। इन हेडर के अलावा आने वाले सभी मैसेज फर्जी माना जाएगा।