: बुंदेलखंड : वोटों के बंटवारे नें उड़ाई नींद, चारों सीटों पर घटेगा हार-जीत का आंकड़ा
Jagbhan Yadav
Thu, May 23, 2024
बांदा। बुंदेलखंड में वोटों के बंटवारे से सभी दलों की नींद उड़ने के साथ ही धुकधुकी भी बढ़ गई है। कारण यह की मतदान के प्रति उत्साह की कमी की वजह से वोटिंग कम हुई है। ऐसे में हार -जीत का आंकड़ा बेहद कम होने के साथ ही सियासी समीकरण बदलने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। बुंदेलखंड की चारों सीट पर उम्मीद से कम मतदान हुआ है। अलग- अलग इलाके में कहीं सुबह से ही लाइन लगे रहने और कहीं सन्नाटा होने से उम्मीदवारों में बेचैनी हैं एवं धुकधुकी बढ़ गई है। ऐसे में हार-जीत का आंकड़ा ऊंचा रहने की उम्मीद बेहद कम है। सियासी समीकरण किसी भी ओर करवट बदल लें तो आश्चर्य नहीं होगा।

बांदा लोकसभा में 2019 में 60.81 फीसदी मतदान हुए, जिसमें भाजपा 46 फीसदी और सपा-बसपा और कांग्रेस को 47.32 फीसदी वोट मिला था। इस बार 59.64 फीसदी मतदान हुआ है। खास बात यह है कि बांदा में मुस्लिम बहुल इलाके के बूथ पर सुबह से ही भीड़ देखी गई, लेकिन ब्राह्मण बहुल इलाके में उत्साह की कमी रही। इसे लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हैं। हमीरपुर में पिछड़ी बार 62.32 फीसदी की अपेक्षा इस बार 60.56 फीसदी मतदान हुआ है। यहां राठ में 63.05 फीसदी और महोबा में 60.08 फीसदी मतदान हुआ है। दोनों ही क्षेत्र में लोध मतदाता निर्णायक हैं।

झांसी लोकसभा क्षेत्र में पिछली बार 67.68 फीसदी वोटिंग हुई थी ,जिसमें भाजपा को 58.61 और सपा -बसपा एवं कांग्रेस को मिलाकर 38.36 फीसदी वोट मिला था। इस बार यह आंकड़ा 63.70 पर थम गया है। उल्लेखनीय बात यह है की यहां के तीन बूथ पर शत प्रतिशत मतदान हुआ है। जालौन में 58.49 की अपेक्षा इस बार 56.15 फीसदी मतदान हुआ है। माधौगढ़ विधानसभामें सिर्फ 52.80 फीसदी मतदान हुआ है। यह क्षत्रिय बहुल इलाका है। कुल मिलाकर मतगणना के दिन पूरे बुंदेलखंड में चर्चा है की रमजानें क्या होगा।


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