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: भारत के निर्वाचन आयोग को इस महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान देना चाहिए - रोहित चौधरी ।

भारत के निर्वाचन आयोग को इस महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान देना चाहिए - रोहित चौधरी ।

भिलाई।भारतदेश आश्चर्य से भरा एक अलग ही देश है और यहां अजीब अजीब किस्म के क्रियाकलाप देखने को मिलता है। अब आप मेरी कुछ बातों से उक्त लाइनों की सार्थकता आप स्वयं ही सिद्ध करने में सक्षम हो जाएंगे की एक व्यक्ति भारत के किसी कोने में बैठकर किसी अन्य व्यक्ति को चेक दे देता है और वह व्यक्ति चेक लेकर उसके अकाउंट से पैसे आहरित करने में सफल हो जाता है, यहां पर चेक दाता को उपस्थित नहीं होने की पूरी छूट दी जाती है, देश में युद्ध स्तर पर टैक्स दाताओं की पैसों की बंदरबाट चावल वितरण के लिए हो रहा है, कोई भी हितग्राही किसी भी दुकान से चावल लेने में सक्षम हो जाता है उसे आवश्यक नहीं कि वह उसी दुकान में जाए जिस वार्ड में उसका राशन कार्ड बना हुआ है, भारत का कोई भी नागरिक अपने संसदीय क्षेत्र के अलावा किसी भी स्थान से लोकसभा का चुनाव लड़ सकता है इसके लिए आवश्यक नहीं कि वह जहां का मतदाता है वहीं से चुनाव लड़े।


तो फिर मतदाताओं के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों ? उनके अधिकारों का हनन क्यों ?क्या एक मतदाता किसी आवश्यक कार्य से अपने क्षेत्र से बाहर जाता हो और इसी दौरान मतदान होता हो तो वह अपने मताधिकार का प्रयोग समय से पहले ही जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष क्यों नहीं कर सकता ? या वह अपने क्षेत्र के अतिरिक्त जहां भी उसे समय विशेष पर रहता हो वह उस स्थान पर अपने मताधिकार का प्रयोग क्यों नहीं कर सकता ? मतदाताओं को अपने मताधिकार से वंचित क्यों किया जाता है ?देश की यह बहुत बड़ी विडंबना है! और कभी भी शासन या प्रशासन इस और ध्यान देने की आवश्यकता महसूस नहीं की और हम शासन या प्रशासन को ही दोष क्यों दे, निर्वाचन से संबंधित सारी जिम्मेदारियां निर्वाचन आयुक्त की होती है तो निर्वाचन आयुक्त आजादी के इतने वर्षों बाद भी इस और ध्यान क्यों नहीं दिए ?
मैं भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से बड़ी विनम्रता पूर्वक यह मांग करता हूं कि वह भारत के नागरिकों के इन अधिकारों के हनन होने पर रोक लगाते हुए मेरी इस मांग की ओर आवश्यक रूप से ध्यान देने का कष्ट कर मतदाताओं को उनका अधिकार प्रदान करने मानवीय प्रयास करें।

रोहित चौधरी

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