: Pawan Kalyan ने भाई Chiranjeevi के पैर पर गिरकर लिया आशीर्वाद,
Sat, Jun 8, 2024
Pawan Kalyan पवन कल्याण की जीत से उनका परिवार काफी खुश है. हाल ही में वो अपने बड़े भाई चिरंजीवी Chiranjeevi से उनके घर पर मुलाकात करने पहुंचे. वहां उन्होंने मेगास्टार चिरंजीवी Megastar Chiranjeevi सहित परिवार के अन्य सभी सदस्यों के साथ समय बिताया. भाई चिरंजीवी से मिलते ही सबसे पहले पवन उनके पैरों पर जाकर गिरे और उनका आशीर्वाद लिया. इसके बाद नागाबाबू ने ये देखकर अपनी आंखें पोंछ लीं. यही नहीं पवन भाभी को भी साष्टांग प्रणाम किया है.
Superstar Chiranjeevi सुपरस्टार चिरंजीवी ने ये वीडियो शेयर किया है. पवन कल्याण के साथ उनकी वाइफ अन्ना लेजेवा पवन कल्याण भी नजर आईं. इसमें देखा गया कि पवन का फूलों की बारिश के साथ घर में स्वागत हुआ. इस वीडियो में सभी परिवार के सदस्य काफी इमोशनल नजर आए. पवन अपने भाई चिरंजीवी और भाभी सुरेखा के साथ बहुत अच्छा बॉन्ड शेयर करते थे. कहा जाता है कि भाभी सुरेखा के समझाने पर पवन ने फिल्मों में आने का फैसला किया था. बता दें कि आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में तेलुगु अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण की जीत हुई है. जन सेना पार्टी (JSP) के नेता की राज्य चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर उनके समर्थक और रिश्तेदार बहुत खुश हैं. उनकी पार्टी का लोकसभा में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है.
: यूपी की इन सीटों पर दिखा राजा भैया का असर, BJP को लगा करारा झटका
Thu, Jun 6, 2024
यूपी की इन सीटों पर दिखा राजा भैया का असर, BJP को लगा करारा झटका
UP Lok Sabha Election Results 2024: उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़, कौशांबी और मिर्जापुर लोकसभा सीटों पर राजा भैया का खासा असर रहता है. इन तीनों ही सीटों पर समाजवादी पार्टी आगे चल रही है.
UP Lok Sabha Election Results 2024:
उत्तर प्रदेश
लोकसभा चुनाव
में इंडिया गठबंधन बहुत मजबूती से आगे बढ़ता दिख रहा है. पिछले चुनाव में महज एक सीट जीतने वाली कांग्रेस पार्टी भी इस बार सात सीटों पर आगे दिख रही है. यूपी के चुनाव में कई सीटों पर कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया राजा भैया उर्फ रघुराज प्रताप सिंह का भी खासा असर देखने को मिला है और इसका सीधा फायदा सपा-कांग्रेस गठबंधन को हुआ है.
उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़, कौशांबी और मिर्जापुर लोकसभा सीटों पर राजा भैया का खासा असर रहता है. इन तीनों ही सीटों पर समाजवादी पार्टी आगे चल रही है. यही नहीं मिर्जापुर सीट पर केंद्रीय मंत्री और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी पीछे चल रही हैं.
इन सीटों पर दिखा राजा भैया का असर
यूपी की कौशांबी लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार पुष्पेंद्र सरोज 43 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं. उन्होंने चुनाव से पहले राजा भैया से मुलाकात भी की थी. इस सीट पर बीजेपी के विनोद कुमार सोनकर दूसरे नंबर बने हुए हैं वहीं प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के शिवपाल सिंह पटेल भी 14 हजार वोटों से आगे है और बीजेपी के संगम लाल गुप्ता दूसरे नंबर हैं
मिर्ज़ापुर लोकसभा सीट पर भी राजा भैया का असर दिख रहा है. इस सीट से सपा प्रत्याशी रमेश चंद बिंद आगे हैं लेकिन एनडीए उम्मीदवार अनुप्रिया पटेल उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं. दोनों के बीच जीत का अंतर एक हजार वोटों से भी कम है.
कुंडा से विधायक राजा भैया ने इस चुनाव में अपने समर्थकों से स्वतंत्र होकर वोट करने को कहा था. जिसके बाद उनके समर्थक समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते दिखाई दिए थे. वहीं अनुप्रिया पटेल ने चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से राजा का बेटा रानी के पेट से पैदा नहीं होगा जैसा बयान दिया था, जिससे राजा भैया नाखुश भी दिखाई दिए थे.
: लोकसभा चुनाव: बांदा को चार दशक बाद मिला अपना सांसद
Thu, Jun 6, 2024
राजेश यादव
बांदा।
“चार दशक”
बाद बांदा जिले के निवासी के रूप में सांसद मिलने से यहां की जनता में एक अलग तरह का हुलास है। आजादी के बाद बांदा चित्रकूट संसदीय सीट पर 17 बार हुए लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने 11 बार चित्रकूट या गैर जनपदों के प्रत्याशियों के सिर पर ताज सजाया। बांदा के प्रत्याशियों में सिर्फ 6 को सांसद बनने का मौका मिला। 2024 के लोकसभा चुनाव में बांदा जिला निवासी कृष्णा पटेल नें जीत दर्ज की तो बांदा का मन बागवां हो गया।
Lok Sabha elections: Banda got its own MP after four decades
बांदा संसदीय क्षेत्र में 1952 से लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। 90 के दशक में बांदा को विभाजित कर चित्रकूट नया जिला बन गया। इस लोकसभा सीट को बांदा चित्रकूट कहा जाने लगा, लेकिन इसके पहले ही लोकसभा क्षेत्र में चित्रकूट क्षेत्र का दबदबा था। सबसे पहले 1952 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान फतेहपुर के निवासी शिवदयाल उपाध्याय सांसद बने थे। दूसरा चुनाव 1957 में हुआ, जिसमें प्रतापगढ़ के कालाकांकर रियासत के राजा दिनेश सिंह के सिर ताज सजा था। तब वह कांग्रेस के टिकट पर चुने गए थे। 1962 में कांग्रेस की सावित्री निगम, 1967 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जागेश्वर यादव, 1971 में भारतीय जनसंघ से रामरतन शर्मा, 1977 में जनता पार्टी से अंबिका प्रसाद पांडे, 1980 में कांग्रेस से रामनाथ दुबे और आखरी बार 1984 में कांग्रेस के भीष्म देव दुबे शामिल है। इस तरह छह बार बांदा के लोगों को सांसद बनने का मौका मिला। 1984 के बाद बांदा का कोई भी सूरमा लोकसभा चुनाव जीतने में नाकाम रहा।
Lok Sabha elections: Banda got its own MP after four decades
इसके बाद 1989 में बसपा के राम सजीवन, 1991 में भाजपा के प्रकाश नारायण त्रिपाठी, 1996 में बसपा के राम सजीवन, 1998 में भाजपा के रमेश चंद्र द्विवेदी, 2004 में सपा के श्याम चरण गुप्ता, 2009 में सपा के आर के सिंह पटेल, 2014 में भाजपा के भैरव प्रसाद मिश्र और 2019 में भाजपा के आर के सिंह पटेल निर्वाचित हुए थे। इनमें रमेश चंद द्विवेदी को छोड़कर सभी चित्रकूट जनपद के रहने वाले हैं। रमेश चंद्र द्विवेदी मूल रूप से कौशांबी जिले के रहने वाले हैं। लेकिन इस बार 2024 में सपा से कृष्णा पटेल नें जीत दर्ज कर सांसद के रूप में बांदा जिले का निवासी होने की हसरत पूरी कर दी।