नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त : आयोग के अंतर्गत 195 करोड़ जारी
Wed, Mar 18, 2026
00 पेयजल, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण को मिलेगी रफ्तार
रायपुर।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 194 करोड़ 93 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से राज्य के 139 नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
15वें वित्त आयोग के तहत 116 करोड़ 96 लाख रुपए टाइड ग्रांट के रूप में प्राप्त हुए हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार होगा। भारत सरकार द्वारा 77 करोड़ 97 लाख रुपए का अनटाइड ग्रांट भी जारी किया गया है। यह राशि शहरों में सड़क, नाली और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि जारी करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शहरों के विकास और जन सुविधाएं विकसित करने के लिए समन्वित रूप से पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा रही है। इससे शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने के कार्यों को तेजी मिल रही है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्राप्त राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
1 अप्रैल से सभी : बिजली दफ्तर में लागू होगा ई-ऑफिस सिस्टम
Wed, Mar 18, 2026
00 राजधानी स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संचालित है ई-ऑफिस
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के राजधानी स्थित डंगनिया मुख्यालय में ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी बिजली दफ्तर में 1 अप्रैल से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी के सभी कक्षा से सभी मैदानी अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ फाइलों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के लिए ई-ऑफिस का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से किया जा चुका है। अब इसे प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री एएम परियल ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अब पेपरलेस काम की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण तथा संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप से किया जाएगा। इससे कार्यों में गति आएगी और कागज के उपयोग में कमी होगी।
इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) ने आज से ऑनलाइन ट्रेनिंग आरंभ कर दी है। छह पालियों में इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ऊर्जा नेट पर ई-ऑफिस के लिए स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करें। इस पहल से संसाधनों और समय की बचत होगी तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
अतिथि शिक्षकों के : नियमितीकरण को लेकर तीखी झड़प,विपक्ष ने किया बहिगर्मन
Wed, Mar 18, 2026
रायपुर।
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण और कम वेतन पर कांग्रेस के विधायकों ने विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव को घेरा। इस पर यादव के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने यह मामला उठाया। अपने तारांकित प्रश्न में मंडावी ने अतिथि शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि 20 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाता है। वह भी उनकी उपस्थिति (अटेंडेंस) पर। मंडावी ने पूछा कि अलग अलग जिलों में एक समान या अलग अलग? यादव ने बताया कि सभी जिलों में समान वेतन दिया जाता है। मंडावी ने पूछा कि 2024 से अब तक कितने अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई ? श्री यादव ने कहा कि नई भर्ती नहीं की गई है पुराने शिक्षकों से अध्यापन कराया जा रहा। और 2022 में इनका वेतन बढ़ाया गया है। चूंकि हम रेगूलर शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं इसलिए अतिथि शिक्षक भर्ती नहीं किया है। मंडावी ने कहा कि इनका नियमितीकरण कब तक करेंगे। नियमितीकरण तो मोदी की गारंटी का चुनावी वायदा भी सरकार ने किया है। मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं कर रहे। कांग्रेस के ही उमेश पटेल ने कहा कि इन शिक्षकों को उनकी दैनिक उपस्थिति पर वेतन दिया जाता है यानी ये डेलीवेजेस हैं और मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा किया है। नहीं कर रहे हैं मतलब गारंटी पूरी नहीं कर रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी की सभी गारंटी पूरी हो रही हैं। आने वाले समय में भी होगी ? उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा,मंत्री का जवाब न आने पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत की घोषणा पर विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।