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आश्रम में मुग्दल ऋषि ने भगवान राम और माता सीता को सूर्य की आराधना और व : आश्रम में मुग्दल ऋषि ने भगवान राम और माता सीता को सूर्य की आराधना और व्रत करने की सलाह

Jagbhan Yadav

Sun, Oct 26, 2025

आश्रम में मुग्दल ऋषि ने भगवान राम और माता सीता को सूर्य की आराधना और व्रत करने की सलाह दी. रावण वध के पाप से मुक्त होने के लिए ऋषि-मुनियों ने भगवान राम और माता सीता को अपने आश्रम में बुलाया. लोक मान्यताओं के अनुसार 14 वर्ष के वनवास के बाद श्री राम जब रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे. भगवान राम को रावण वध का पाप लगा था.  लोक मान्यताओं के अनुसार 14 वर्ष के वनवास के बाद श्री राम जब रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे. भगवान राम को रावण वध का पाप लगा था.

छठ पर्व के इतिहास की बात करें तो इसकी शुरुआत रामायण काल में हुई थी. जी हाँ सबसे पहले माता सीता ने छठ व्रत किया था. छठ महापर्व सबसे कठिन व्रत माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं छठ पूजा वर्तमान में नहीं, बल्कि युगों से होती हुई चली आ रही है. आज भी माता सीता के चरण चिन्ह मुंगेर के बबुआ गंगा घाट के पश्चिमी तट पर मौजूद है. साथ ही शिलापट्ट पर सूप, डाला और लोटा के निशान हैं. जिसके बाद माता सीता ने मुंगेर में छह दिनों तक छठ पूजा की थी. उन्होंने सूर्य को पश्चिम दिशा की ओर और उदीयमान सूर्य को पूरब दिशा की ओर अर्घ्य दिया.

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