Saturday 10th of October 2026

ब्रेकिंग

हॉस्टल से 3 छात्राएं गायब, इस डर से भागी छात्राएं

आकाशवाणी रायपुर के RNU प्रमुख विकल्प रंजन शुक्ला का निधन

ट्रैक्टर से टकराई कार, आरक्षक समेत 2 की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे….

घर में घुसकर की मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल

प्रेमी से मिलने होटल गई युवती फिर जिंदा नहीं लौटी, इस हाल में मिली लाश

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

Aaj Ka Panchang : पश्चिम दिशा में भूलकर भी न करें यात्रा, जानें राहुकाल से लेकर अभिजीत मुहूर्त तक

Jagbhan Yadav

Fri, Oct 2, 2026

हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 2 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:15 बजे तक रहेगी. इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी. शुक्रवार सुबह 6:22 बजे सूर्योदय और शाम 6:09 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 10:41 चंद्रोदय और दोपहर 1:00 बजे चंद्रास्त होगा.

सभी 12 राशियों पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है जिसका अर्थ 'हाथ' होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है. शुक्रवार को हर्षण योग रात 8:52 बजे तक रहेगा. हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 27 नित्य (नैसर्गिक) योगों में से 14वां योग है. 'हर्षण' शब्द का शाब्दिक अर्थ 'खुशी', 'प्रसन्नता' या 'आनंद' होता है. यह एक अत्यंत शुभ और सकारात्मक योग माना जाता है. इस योग में किए जाने वाले कार्य आनंद और सफलता प्रदान करते हैं. इस योग को उत्सव, विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण, पार्टी या किसी नए व्यापार की शुरुआत के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है.

शुक्रवार को 6:40 से 8:10 बजे तक रहेगा अमृतकाल

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है. शुक्रवार को तड़के 6:40 से 8:10 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ, और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है.

कब है राहुकाल

इस दिन राहुकाल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

किसे कहा जाता है गुलिक काल

शुक्रवार को गुलिक काल सुबह 7:51 से 9:19 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को 'विषैला समय' भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं उनको जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करना चाहते हैं तो इस काल में किया जा सकता है. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

कब तक रहेगा यमगंड काल

इस दिन यमगंड काल दोपहर 3:13 से 4:41 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए. शुक्रवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है. इस दिन चंद्रमा दोपहर 3:40 बजे तक वृषभ राशि में रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च (सबसे मजबूत और शुभ स्थिति) का माना जाता है. चंद्रमा के वृषभ राशि में होने से व्यक्ति के जीवन, स्वभाव और मानसिकता पर बहुत गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. शुक्रवार को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें