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मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत : जिले के सुदूर व पहाड़ी कोरवा बसाहटों में 113 हैंडपंप व बोरवेल की होगी खुदाई

Jagbhan Yadav

Thu, May 7, 2026

 00 कलेक्टर ने सम्बंधित विभाग से कहा एक माह के भीतर पूर्ण करें कार्य, ग्रामीणों को पेयजल से मिलेगी राहत

रायपुर। सरगुजा जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष श्री अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है।कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ो गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।

 

 

 

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