Friday 30th of October 2026

ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर…

पुरानी रंजिश में युवक पर किया ताबड़तोड़ हमला, इलाके में दहशत का माहौल

टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, ऐसे चेक करें स्टेटस

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

कर्तव्यनिष्ठ होकर जनसेवा : एवं सुशासन के लिए जमीनी स्तर पर करें बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री साय

Jagbhan Yadav

Wed, Aug 5, 2026

00 प्रशासनिक सेवा जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम, संवेदनशीलता और पारदर्शिता को बनाएं कार्यशैली का आधार
00 मुख्यमंत्री से 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके भावी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन होना उपलब्धि अवश्य है, लेकिन वास्तविक सफलता तब है जब अधिकारी अपने पद का उपयोग जनसेवा, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करें।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से आम नागरिक का शासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते समय जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय परिस्थितियों को समझना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी यदि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्य करें, तो प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास स्वत: बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वर भूमि और मजबूत ऊर्जा क्षमता उपलब्ध है। इन संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए राज्य को विकसित बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में लंबे समय तक नक्सलवाद बड़ी बाधा रहा, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जनविश्वास के कारण अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। ऐसे क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भाव भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें

मुख्यमंत्री ने सुशासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े विषय आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में लोगों को समय पर राहत मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान कर सकती है। इसलिए अधिकारी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और प्रत्येक प्रकरण को मानवीय दृष्टि से देखें।

उन्होंने अधिकारियों को व्यवहार में विनम्रता और संयम बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। कई बार केवल धैर्यपूर्वक शिकायत सुन लेने से ही आधी समस्या समाप्त हो जाती है। यदि अधिकारी जनता से संवाद नहीं करेंगे, तो छोटी समस्याएं भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को जनता के प्रति सहज, सुलभ और उत्तरदायी रहना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली तथा उन्हें भविष्य में अपने पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास और सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण अब पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 बैच में कुल सात अधिकारी शामिल हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक  टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक मेनका प्रधान तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें