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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : बनी पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की मिसाल

Jagbhan Yadav

Tue, Feb 10, 2026

आत्मसमर्पित जोड़े ने मुख्यधारा में लौटकर की नई जीवन-शुरुआत

सुकमा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मंगलवार को हड़मा स्टेडियम, सुकमा में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 107 जोड़े में कार्यक्रम का एक विशेष और भावनात्मक आकर्षण एक आत्मसमर्पित जोड़े का विवाह रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। ग्राम दोर्रामंगू, पंचायत मेहता निवासी वर मगडू एवं वधु माड़वी बुधारी ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधकर अपने जीवन की नई शुरुआत की।

वर मगडू ने बताया कि उन्होंने 29 जनवरी 2025 को माओवाद का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक माओवादी संगठन के साथ कार्य किया, किंतु शासन की पुनर्वास नीति, विश्वास और विकास की मुख्यधारा ने उन्हें एक नया भविष्य चुनने की प्रेरणा दी।ज़्यादा जानें

आत्मसमर्पण के पश्चात शासन की योजनाओं से जुड़ते हुए मंगलवार को उनका विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत संपन्न हुआ। यह विवाह शांति, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्निर्माण का सशक्त प्रतीक भी है। इसके साथ ही साथ ही विकासखंड कोंटा अंतर्गत ग्राम पंचायत दरभागुड़ा के ग्राम लेंडरा से सरपंच वीरराजू माड़वी (पिता स्वर्गीय माड़वी कन्ना) ने वधु वन्जम देवे (पिता दुला) के साथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सरपंच माड़वी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनकर उभरी है और सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान कर रही है।  कार्यक्रम का समापन हर्षाेल्लास, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं नवदंपतियों को आशीर्वाद के साथ हुआ।

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