Friday 30th of October 2026

ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर…

पुरानी रंजिश में युवक पर किया ताबड़तोड़ हमला, इलाके में दहशत का माहौल

टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, ऐसे चेक करें स्टेटस

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

BREAKING : महादेव ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार...भारत लाने की तैयारी शुरू

Jagbhan Yadav

Wed, Jul 8, 2026

00 7 साल से फरार, अब भारत लाने की तैयारी
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट हुआ है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहा था।
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ को भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसे वापस लाने के लिए ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण की तैयारियों में जुटी है। सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।ईडी ने इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किए हैं। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 74 लोगों को आरोपी बनाया गया। साथ ही रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल की गई हैं।

चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह करीब 5000 करोड़ रुपये के बेटिंग घोटाले का आरोपी है और 2019 से फरार है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध तरीके से ओमान में प्रवेश करने का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी पैरवी के लिए मस्कट में वकीलों की एक टीम भी नियुक्त की है।

सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई हजारों करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं। हाल ही में इंटरपोल की इंटरपोल की $फाइलों के नियंत्रण के लिए आयोग (सीसीएफ) ने चंद्राकर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस हटाने की मांग की थी।
चंद्राकर का दावा था कि भारत में उनके खिलाफ मामला राजनीतिक कारणों से दर्ज किया गया है और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। लेकिन सीसीएफ ने कहा कि मामला वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, न कि राजनीतिक उत्पीडऩ से। इसलिए रेड नोटिस जारी रहेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सौरभ चंद्राकर ने सीसीएफ में सुनवाई के दौरान ही यूएई छोड़ दिया था। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करना उसकी एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, ताकि भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया में देरी हो। ओमान के कानून के तहत फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है, जिसकी सजा 3 से 5 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकती है।

2019 से फरार चल रहे सौरभ चंद्राकर को यूएई से भारत लाने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2024 में दुबई में उसे कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। उस समय इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर यूएई अधिकारियों ने सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया था और कुछ समय तक हाउस अरेस्ट में रखा था। भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भी भेजा था, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें