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जो गुजरात में बैन : वो दवा छत्तीसगढ़ में खरीदी गई ? स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सदन में किया स्पष्ट

Jagbhan Yadav

Wed, Jul 15, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सरकारी अस्पतालों के लिए दवा खरीद का मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया। यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड से खरीदी गई एस्पिरिन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा और दवा खरीद प्रक्रिया के साथ गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठाए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में गुजरात में प्रतिबंधित बैच की कोई दवा नहीं खरीदी गई है और राज्य में वितरित दवाएं पूरी तरह अलग बैच की हैं।

राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ी है। विपक्ष के इस हंगामे ने प्रदेश की दवा खरीद व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सुरक्षा को लेकर जनता के बीच चर्चा तेज कर दी है, जिससे पारदर्शिता की मांग बढ़ी है।

विपक्ष का आरोप, मरीजों की जान जोखिम में डालकर दवाएं खरीदी

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने अमानक दवाओं के मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल पूछे। विपक्ष ने जानना चाहा कि जिस कंपनी की दवाओं को गुजरात में प्रतिबंधित किया गया था, उसे छत्तीसगढ़ में किन परिस्थितियों में और कितनी मात्रा में खरीदा गया। विपक्ष का आरोप था कि मरीजों की जान जोखिम में डालकर ऐसी दवाएं खरीदी गईं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 25 मार्च 2026 को CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन) को गुजरात से सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि राज्य में खरीदी गई एस्पिरिन 75 mg (अनकोटेड) दवा, गुजरात में ब्लैकलिस्ट की गई दवाओं के बैच से पूरी तरह अलग थी।

विस्तृत जांच की मांग

विपक्ष ने इस मामले में विस्तृत जांच की मांग की है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में दवा खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि क्या सरकार इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देती है या नहीं।

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