सरकार : ने 34 अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
Sun, Jan 11, 2026
रायपुर।
राज्य शासन ने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के काम-काज में कसावट तथा विभागीय कार्य प्रणाली में सुधार लाने प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने वरिष्ठ स्तर पर राज्य कार्यालय, जल जीवन मिशन मुख्यालय और मैदानी कार्यालयों के 34 अधिकारियों का स्थानांतरण व जिम्मेदारी बदल दी गई है। विभाग ने मैदानी स्तर पर कार्यों को और गति देने 26 उप अभियंताओं को सहायक अभियंता के रूप में पदोन्नत किया है। उप मुख्यमंत्री साव ने मैदानी कार्यों में कसावट लाने दोहरे प्रभार पर चल रहे अधीक्षण अभियंता श्री संजीव बृजपुरिया को अपने ओएसडी के प्रभार से मुक्त कर दिया है। अब उनके पास केवल दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता की जिम्मेदारी रहेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कार्यों में लापरवाही बरतने एवं त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग के चलते निलंबित किए गए 6 कार्यपालन अभियंताओं की बहाली के भी आदेश जारी किए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने एवं सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना सामग्री में परिवर्तन करने पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने उनके विरूद्ध विभागीय जांच के भी आदेश जारी कर दिए हैं। जांचकर्ता अधिकारी को एक माह में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
राज्य शासन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी को वर्तमान दायित्वों के साथ जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक की भी जिम्मेदारी दी है। मंत्रालय में विभागीय ओएसडी के रूप में पदस्थ मुख्य अभियंता के.के. मरकाम को रायपुर परिक्षेत्र का मुख्य अभियंता बनाया गया है। कोंडागांव मंडल के अधीक्षण अभियंता एवं जगदलपुर परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता जी.एल. लखेरा को प्रभारी मुख्य अभियंता, जगदलपुर परिक्षेत्र पदस्थ किया गया है। मुख्य अभियंता कार्यालय, रायपुर में अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र कुमार शुक्ला को कोंडागांव मंडल का अधीक्षण अभियंता बनाया गया है। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक एस.एन. पाण्डेय को प्रमुख अभियंता कार्यालय में अधीक्षण अभियंता पदस्थ किया गया है। विभाग ने कांकेर खंड कार्यालय में कार्यपालन अभियंता के रूप में पदस्थ अधीक्षण अभियंता बी.एन. भोयर को प्रमुख अभियंता कार्यालय में जल जीवन मिशन में कार्य करने के लिए आदेशित किया है। अधीक्षण अभियंता श्री समीर शर्मा को राजनांदगांव खंड कार्यालय से स्थानांतरित करते हुए रायपुर में मुख्य अभियंता कार्यालय में पदस्थ करते हुए जल जीवन मिशन का काम सौंपा गया है। इनके साथ ही विभाग ने मैदानी स्तर पर पदस्थ 22 कार्यपालन अभियंताओं तथा तीन सहायक अभियंताओं के भी तबादले के आदेश जारी किए हैं।
ये अधिकारी बने उप अभियंता से सहायक अभियंता
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 26 उप अभियंताओं (सिविल) के सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। इनमें सर्वश्री गुणेश कुमार पानीग्रही, सरोतन सिंह पैंकरा, रवि प्रकाश जोशी, प्रणेश कुमार रामटेके, प्रकाश सिंह ठाकुर, गुलाब सिंह चौहान, दौलत राम बंजारे, अमित कुमार मिश्रा, अशोक कुमार राज, कौशल कुमार नेताम, विशाल गेडाम, कृष्णमूर्ति, पवन कुमार अग्रवाल, अमित राय, आलोक मंडल, श्रीमती अंजू साहू, श्रीमती रीना सिंह, श्रीमती सुभ्रा बघेल और श्रीमती के. सुनीता शामिल हैं। विभाग ने सात उप अभियंताओं को परिभ्रमण से मुक्त करते हुए सहायक अभियंता के रूप में पदोन्नति दी है। इनमें सर्वश्री विनोद कुमार सिंह, रेवेन्द्र महोबिया, प्रमोद कुमार महतो, डेमन लाल देशमुख, रूपचंद सूर्यवंशी, सत्यनारायण सिंह कंवर और विमलेश कुमार सिंह शामिल हैं।
6 अभियंताओं की निलंबन से बहाली
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने एवं त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग के चलते निलंबित किए गए 6 कार्यपालन अभियंताओं की बहाली के भी आदेश जारी किए हैं। इनमें सर्वश्री जगदीश कुमार, उत्तर कुमार राठिया, चन्द्रबदन सिंह, एस.पी. मंडावी, जे.एल. महला और रूपेश कुमार धनंजय शामिल हैं।
रायपुर बीजेपी दफ्तर : में वीबी जी राम जी योजना पर कार्यशाला का आयोजन आज
Sun, Jan 11, 2026
रायपुर.
केंद्र सरकार की वीबी जी राम जी योजना को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर प्रदेश संगठन ने भी प्रदेशभर में इस योजना को लेकर जन जागरण चलाने का फैसला किया है. जनवरी में पूरे माह प्रदेश में आयोजन होंगे. प्रदेशभर में होने वाले सम्मेलनों में जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा नेता शामिल होंगे, वहीं भाजपा के राष्ट्रीय नेता भी सम्मेलनों के लिए आएंगे. कब कहां सम्मेलन होंगे, इसका फैसला रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होने वाली कार्यशाला में होगा. केंद्र सरकार ने मनेरगा के स्थान पर अब वीबी जी राम जी योजना प्रारंभ की है.
इसको लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं. इस योजना का विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है. ऐसे में अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने इस योजना को लेकर देश के सभी राज्यों में जन जागरण अभियान चलाने का फैसला किया है. राज्यों में इसके लिए टीम भी बनाई गई है. छत्तीसगढ़ में भी प्रदेश टोली का गठन किया गया है. इसका प्रदेश संयोजक प्रदेश भाजपा के महामंत्री यशवंत जैन को बनाया गया है. इसी के साथ सदस्य भी बनाए गए हैं.
11 जनवरी को सुबह 10 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला होगी. इसमें प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय का मार्गदर्शन मिलेगा. पवन साय इस समय बंगाल के दौरे पर हैं, उनको वहां पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने 56 विधानसभाओं का जिम्मा मिला है. ऐसे में पवन साय कार्यशाला में बंगाल से ऑनलाइन जुड़ेंगे. इस कार्यशाला में सभी जिलाध्यक्ष, संभाग और जिलों के प्रभारी, सभी मोर्चा के अध्यक्ष, प्रकोष्ठ के संयोजक, सहकारी बैंकों के अध्यक्षों को बुलाया गया है. इस कार्यशाला में सम्मेलनों की रूपरेखा तय होगी.
CG ब्रेकिंग : एक साथ 8 संकुल समन्वयकों का इस्तीफा, कहा नहीं करेंगे ये कार्य…
Sat, Jan 10, 2026
बिलासपुर।
जिला शिक्षा विभाग में कार्य करने वाले शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के आठ संकुल समन्वयकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा की वजह पारिवारिक और स्वास्थ्यगत तथा व्यक्तिगत कारण बताया जा रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग से मिले सूत्रों के अनुसार शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा कई अलग से कार्य संकुल समन्वयकों से करवाए जा रहे है। वहीं छोटी सी मानवीय या लिपिकीय त्रुटि होने के बाद संकुल समन्वयकों को प्रताड़ित किया जाता है और कुछ तथाकथित आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भयादोहन कर उनसे वसूली करते हैं और पैसे नहीं मिलने पर झूठी शिकायतें उच्चाधिकारियों से करते हैं। जिससे तंग आकर संकुल समन्वयकों ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा समग्र शिक्षा विभाग के संचालक को भेजा है।
समग्र शिक्षा विभाग को आठ अलग-अलग संकुल समन्वयकों के त्यागपत्र प्राप्त हुए है। सभी में एक ही तरह का कारण बताया गया है। इस्तीफा में पारिवारिक और स्वास्थ्यगत कारणों को आधार बनाया गया है। इस्तीफे में कहा गया है कि गिरता स्वास्थ्य, पारिवारिक व्यस्तताएं और व्यक्तिगत समस्याओं के चलते वे इस्तीफा दे रहे है। समन्वयकों के अनुसार वे अब अपने मूल जिम्मेदारी शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं। वे व्यक्तिगत कारणों से इस प्रशासनिक पद का निर्वहन करने में स्वयं को असमर्थ पा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने किसी का इस्तीफा स्वीकृत नहीं किया है और उन्हें होल्ड पर रखा है। समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी संकुल समन्वयकों से बात करने की बात कह रहे है।
समन्वयकों ने बताया कि शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा उनसे जाति प्रमाण पत्र,व्यक्तिगत कार्य और अन्य विभागों के डाक आदान– प्रदान व प्रशासनिक पत्राचार जैसे गैर शैक्षणिक कार्य भी कराए जा रहे हैं। यह उनके दायित्व क्षेत्र से बाहर है और इन कार्यों के चलते उनका मूल शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
अतिरिक्त कार्यों के दबाव के चलते इसका असर संकुल समन्वयकों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार दयालबंद संकुल के एक शैक्षणिक समन्वयक की अकाल मौत काम के दबाव में हो चुकी हैं। वही दयालबंद संकुल के ही एक अन्य समन्वयक को हाई बीपी के चलते लकवा हो गया है।
इस्तीफा देने वाले समन्वयकों ने बातचीत में बताया कि कुछ तथाकथित आरटीआई कार्यकर्ताओं के द्वारा छोटी सी भी लिपिकीय या मानवीय त्रुटि होने पर उनसे उगाही का प्रयास किया जाता है। पैसे नहीं देने पर नौकरी खा जाने और निलंबित करवाने की धमकी दी जाती है। संकुल समन्वयकों ने बताया कि एक साल में शिक्षा विभाग में कुल 102 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें 88 व्यक्तिगत जानकारी के आवेदन है। इसके बलबूते पर उनसे वसूली की कोशिश की जा रही है। इसकी शिकायत सभी संकुल समन्वयकों ने पुलिस में भी की है। पर अब तक कार्यवाही नहीं हुई है।
इन्होंने दिया इस्तीफा
विकास साहू कुदुदंड, मनोज सिंह बिजौर, योगेंद्र वर्मा मोपका,आशीष वर्मा सिरगिट्टी,श्रीकांत भगत दयालबंद,प्रभात कुमार मिश्रा तारबाहर, शेषमणी कुशवाहा चांटीडीह,शशिभूषण पाटनवार बालक सरकंडा शामिल है।