: तालाब में तैरते हुए 40 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
Sat, Oct 12, 2024
तालाब में तैरते हुए 40 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
राक्षसों के जमीन अथवा आसमान में नहीं मरने जैसे चतुराई वाले वरदानों के किस्से जरूर सुने होंगे। यहां सिरसिदा में इसे देखा भी जा सकता है। जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर जिले के ग्राम सिरसिदा में दशहरा पर जमीन अथवा आसमान में नहीं बल्कि तालाब के बीचोबीच तैरते हुए रावण का दहन किया
Vijayadashami
राक्षसों के जमीन अथवा आसमान में नहीं मरने जैसे चतुराई वाले वरदानों के किस्से जरूर सुने होंगे। यहां सिरसिदा में इसे देखा भी जा सकता है। जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर जिले के ग्राम सिरसिदा में दशहरा पर जमीन अथवा आसमान में नहीं बल्कि तालाब के बीचोबीच तैरते हुए रावण का दहन किया जाता है। रावण दहन के दौरान तालाब के बीच आकर्षक अतिशबाजी भी होती है। तब गांव के कुछ लोगों का अलग करने का जुनून और अब तालाब के बीच रावण दहन की परंपरा आगे बढ़ रही है।
27 वर्षों से जला रहे 40 फीट का पुतला
सिरसिदा के समिति के सदस्य खेमन, अक्षय, प्रहलाद, लवण, रामगोपाल, चंद्र प्रकाश, ढालसिंह, टोमेन्द्र, डोगेन्द्र, बालगोविंद, तोरण गिरधर, प्रेमलाल, धर्मराज, खिल्लू, गुलाब, कोमेंद्र, रितेश, जितेश्वर, तानु पटेल, धन्ना, गौरव, यशवंत, चंदन, आशीष, तुलेश्वर, रामकृष्ण, मिलन, दीपक, खिलेंद्र आदि ने बताया कि कुछ अलग करने के जुनून में वर्ष 1994 में पहली बार तालाब के बीच रावण का पुतला खड़ा कर जलाया गया। शुरुआत के कुछ सालों को छोड़ कर हर बार 40 फीट का पुतला जलाया जा रहा हैं।
ऐसे हुई रावण दहन की शुरुआत
उन्होंने बताया कि शिक्षक सीपी चंद्राकर और स्वास्थ्य कर्मचारी जीआर शर्मा ने साइकिल के ट्यूब पर पानी के भीतर वजन लटकाकर 10 फीट के खंभे को बैलेंस करने का जुगत तैयार किया। खंभा तालाब में कई दिनों तक तैरता रहा। इससे प्रेरित होकर साइकिल एवं ट्रैक्टर के चार ट्यूब के सहारे रावण का पुतला खड़ाकर तालाब में छोड़ दिया। यह प्रयोग सफल रहा। तब से तालाब के बीच में पुतला दहन किया जा रहा है। इस दिन राम लीला का मंचन व आकर्षक आतिशबाजी भी होती है।
बारूद के राकेट से जलाते हैं पुतला
रावण दहन के पहले तालाब किनारे रामलीला का मंचन होता है। इसके लिए 12 पिलहर पर मंच तैयार किया जाता है। राम लीला के मंचन में भगवान राम की भूमिका निभा रहे पात्र बारूद के राकेट से रावण के पुतले की नाभि को भेदते हैं। नाभि में पेट्रोल भरा होता हैं जिससे रावण का पुतला जल जाता है।
दो बार मशाल के सहारे किया रावण दहन
प्रेमलाल ठाकुर ने बताया कि 27 साल में दो बार विपरीत मौसम रहा। बारिश के कारण रावण का पुतला बारूद के सहारे जलाया जा सका। वर्ष 2002 व 2014 में ऐसी स्थिति बनी तो तालाब में उतार कर मशाल के सहारे पुतला दहन किया गया। तालाब में पुतला खड़ा करने में कभी भी परेशानी नहीं हुई है। चंद्रप्रकाश साहू ने बताया कि 12 अक्टूबर को आदर्श राम लीला मंडली सिरसिदा पुतला दहन करेगी। दशहरा के दिन रात्रि में10 बजे नाचा पार्टी कवर्धा कबीरधाम वाले का कार्यक्रम रखा गया हैं।
तार्री में विजयादशमी के दिन भगवान राम के साथ रावण की होगी पूजा
बालोद. जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर के गुरुर विकासखंड के ग्राम तारी गांव में लगभग 70 वर्षों से विजयदशमी के दिन यहां रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता बल्कि यहां रावण की मूर्ति की पूजा की जाती है। यहां भगवान राम के साथ रावण की पूजा होती है।
रावण की प्रतिमा के सामने भगवान राम का मंदिर
इस गांव की रोचक बात यह भी है जिस जगह रावण की प्रतिमा है, ठीक उसके सामने भगवान राम जानकी का मंदिर भी है। ग्रामीण व सरपंच पति संतोष चंदन, ग्राम पटेल रूपराम बढ़ई सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लोग लंकापति रावण को बेहद ज्ञानी पंडित मानकर उसकी पूजा करते हैं। इस दिन असत्य पर सत्य की जीत पर भगवान राम की पूजा भी करते हैं।
सरदार पटेल मैदान में राम लीला के साथ 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का किया जाएगा दहन
विजय दशमी पर जिला मुख्यालय के सरदार पटेल मैदान में राम लीला के साथ 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। वहीं शहर में रावण के पुतला दहन की तैयारी भी जोर शोर से चल रही है। इस बार भी नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा इस आयोजन में अतिथि नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे आयोजक हैं तो अतिथि कैसे हो सकते हैं। मुख्य अतिथि विधायक संगीता सिन्हा, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा होंगे।
शाम 7 बजे निकलेगी शोभायात्रा, 8 बजे रावण दहन
पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बताया कि शाम 7 बजे राम रावण की शोभायात्रा रथ में बैठाकर निकाली जाएगी। नगर भ्रमण कर बाजे गाजे के साथ आयोजन स्थल में प्रवेश करेंगे। जहां राम लीला के मंचन के बाद रावण के पुतला दहन किया जाएगा। इस दौरान बजरंग अखाड़ा दल हैरतअंगेज करतब व अखाड़ा व्यायाम प्रदर्शन करेंगे। साथ ही रंग बिरंगी आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस दिन शहर के कुंदरूपारा, पाररास में भी रावण का पुतला दहन किया जाएगा। जिसकी तैयारी चल रही है।
: दशहरा 2024 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
Sat, Oct 12, 2024
दशहरा 2024 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है.
छत्तीसगढ़
Chhattisgarh
दशहरा 2024 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है.
Updated : 2 hours ago
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं (ETV Bharat)
रायपुर :
प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ वासियों को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है. मुख्यमंत्री ने कामना की है कि विजयादशमी का पावन पर्व सभी के जीवन में नकारात्मकता और कठिनाइयों का अंत करने के साथ सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश :
सीएम विष्णु देव साय ने अपने बधाई संदेश में कहा कि विजया दशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है. यह हमें सत्य के मार्ग पर चलने का साहस देता है. हमें विश्वास दिलाता है कि सत्य के मार्ग में कितनी भी परेशानियां और कठिनाईयां क्यों न हो, विजय सदा सत्य की होती है.
कालीबाड़ी में मां दुर्गा के किए दर्शन :
इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महानवमी पर्व के अवसर पर रायपुर के कालीबाड़ी चौक स्थित कालीबाड़ी पहुंचे. मुख्यमंत्री साय ने कालीबाड़ी परिसर स्थित महाकाली मंदिर में भी विधि विधान से पूजा की. जिसके बाद बंगाली कालीबाड़ी समिति के सजाए गए दुर्गा पूजा उत्सव पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. साथ ही प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
कालीबाड़ी में मां दुर्गा के किए दर्शन (CGDPR)
दुर्गा पूजा नवरात्रि की दी बधाई :
कालीबाड़ी में मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा, आज बड़ा सौभाग्य है कि दुर्गा पूजा नवरात्रि पर बंगाली समाज द्वारा आयोजित पूजा उत्सव में शामिल होने का अवसर मिला है. काफी समय से बंगाली समाज यह आयोजन कर रही है. आप सभी को दुर्गा पूजा नवरात्रि की बधाई. मातारानी से प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ में खुशहाली हो और सभी को उनका भरपूर आशीर्वाद मिले.
कालीबाड़ी स्थित महाकाली मंदिर में विधि विधान से की पूजा (CGDPR)
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए पूजा समिति को बधाई दी. इस अवसर पर राजस्व मंत्री वर्मा, विधायक राजेश मूणत और पुरंदर मिश्रा सहित बंगाली कालीबाड़ी समिति के सदस्यगण व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.
: भिलाई-3 व चरोदा में चार जगह जलेगा रावण, 40 फीट के रावण का होगा दहन
Fri, Oct 11, 2024
भिलाई/
भिलाई-3 और चरोदा में चार जगहों पर रावण दहन कार्यक्रम होना है। इसमें जोन 2 चरोदा रेलवे कालोनी, चरोदा हनुमान मंदिर के पीछे मैदान, भिलाई-3 के मिनी स्टेडियम और बिजली कालोनी मैदान का आयोजन शामिल है। भिलाई-3 मिनी स्टेडियम में 70 वें रावण दहन किया जा रहा है। यहां पर रामलीला उपरांत आतिशबाजी के बीच 40 फीट के रावण का दहन होगा। समिति के अध्यक्ष दीपक देवांगन ने बताया कि सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि होंगे।
अध्यक्षता विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा करेंगे। विशिष्ट अतिथि पूर्व नपाध्यक्ष शशिकांत बघेल होंगे। बिजली कालोनी में भी रंगारंग आतिशबाजी के बीच 40 फीट रावण का दहन किया जाएगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुजीत बघेल ने बताया कि मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। वहीं चैतन्य बघेल सहित महापौर निर्मल कोसरे और सभापति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी तरह जोन -2 चरोदा में 59 वें वर्ष के होने वाले रावण दहन कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि होंगे। अध्यक्षता विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में निगम आयुक्त डीएस राजपूत, एआरएम डॉ प्रशन्ना सोमेश्वर सिंह, समाजसेवी राजपाल माखीजा व घनश्याम सिंह उपस्थित रहेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष विशाल भौतिक एवं पार्षद चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि यहां पर 70 फीट रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। वहीं काकीनाडा की इलेक्ट्रॉनिक्स आतिशबाजी होगी। चरोदा हनुमान मंदिर के पीछे होने वाले रावण दहन कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, चैतन्य बघेल, महापौर निर्मल कोसरे और सभापति कृष्णा चन्द्राकर अतिथि होंगे।