नारी शक्ति के आर्थिक : सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM साय
Sat, Jul 18, 2026
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व से महिलाओं को नई ताकत मिल रही है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सुशासन आधारित फैसलों का उद्देश्य महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें अधिक अधिकार संपन्न बनाना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति का पंजीयन केवल जमीन या मकान के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करने वाला कदम है। संपत्ति में अधिकार मिलने से महिलाएं परिवार और समाज में अधिक सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नारी शक्ति की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं और नीतियां लागू की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो परिवार, समाज और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का संकल्प है कि महिलाओं को समान अवसर और अधिकार उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि संपत्ति के अधिकार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में बढ़ोतरी समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य उन्हें केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की भागीदारी समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में मजबूत होगी तो छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रही है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना उनके सशक्त भविष्य की नींव मजबूत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और अधिक बढ़ेगी तथा नारी शक्ति प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अमृत भारत योजना के अंतर्गत : पुनर्विकसित चांपा रेलवे स्टेशन का हुआ शुभारंभ
Sat, Jul 18, 2026
चांपा
। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित चांपा रेलवे स्टेशन का शुभारंभ शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन के आधुनिकीकरण से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं का लोकार्पण किया गया।
पुनर्विकास कार्य के तहत चांपा रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। स्टेशन भवन का आकर्षक नवीनीकरण, यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, सौंदर्यीकरण तथा बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री तोखन साहू ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज भारत देश विकास के पथ पर बढ़ रहा है। आज जो घोषणा की जाती है उसे पूरा भी करने का काम नरेंद्र मोदी सरकार कर रही है। और देश भर में विकास दिखने लगा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 50 दिन पुनर्विकास हो रहा है जिसमें छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशन शामिल है।
इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र, चांपा रेलवे स्टेशन को लगभग 13 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। स्टेशन परिसर के समग्र विकास के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, सुगम आवागमन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। नए प्रवेश-निकास द्वार, बेहतर पार्किंग, आकर्षक लाइटिंग और स्थानीय संस्कृति के समावेश से स्टेशन को यात्री-अनुकूल और सुगम बनाया गया है। उन्होंने सभी को इसके लिए बधाई दी।
सांसद कमलेश जांगड़े ने भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे एक ऐतिहासिक काम बताया उन्होंने नगरवासियों को इसके लिए बधाई दिया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि अमृत भारत योजना नरेंद्र मोदी सरकार की एक अभिनव पहल है और इसके लिए प्रधानमंत्री, रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव का धन्यवाद ज्ञापित किया। और नगरवासियों को इस सुविधा के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डी आर एम बिलासपुर ने चाँपा रेलवे स्टेशन की इन सुविधाओं का संक्षिप्त विवरण दिया जिसमें- नए प्रवेश/निकास द्वार, 6065 वर्ग मीटर पार्किंग, 5055 वर्ग मीटर सड़क सफेंसिंग,1100 वर्ग मीटर फेसाड एवं लाइटिंग, 390 वर्ग मीटर स्टेशन पोर्च, 800 वर्ग मीटर प्लेटफॉर्म शेल्टर,उच्च/द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय, आधुनिक बुकिंग/सेवा क्षेत्र, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, 8 आधुनिक CCTV कैमरे, साइनेज एवं इंडिकेशन प्रणाली, स्थानीय कलात्मक सौंदर्याकरण इत्यादि सुविधा से लेस है। चांपा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास से क्षेत्र के विकास, व्यापार, उद्योग तथा आवागमन को नई गति प्रदान करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
शुभारंभ समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मीरि, नपाध्यक्ष प्रदीप नामदेव, भाजपा नेता अमर सुल्तानिया, गगन जयपुरिया, राजकुमार साहू, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, मीरा पतकी, राम खूबवानी, मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत, नगरपालिका उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह खटकर, कमल देवांगन, शिशुपाल सिंह राजपूत, भवानी गुप्ता, भाजपा महिला मोर्चा के डॉ. धनेश्वरी जागृति, कल्याणी केशरवानी, पार्षदगण, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
चाँपा स्टेशन इतिहास
चाँपा स्टेशन की शुरुआत ब्रिटिश कालीन ‘बंगाल नागपुर रेलवे’ परियोजना के दौरान हुई। फरवरी 1891 में जब हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य रेल मार्ग का टूटानगर-बिलासपुर सेक्शन बनकर तैयार हुआ, तब चाँपा एक स्टेशन के रूप में आधिकारिक तौर पर रेल मानचित्र पर आया। स्वतंत्रता के बाद, कोरबा क्षेत्र में कोयले के विशाल भंडारों की खोज ने चांपा की पहचान को बदल दिया। कोयले के परिवहन को सुगम बनाने के लिए चाँपा से कोरबा (गेवरा रोड) तक एक नई शाखा रेल लाइन बिछाई गई। इस नई लाइन के जुड़ते ही चांपा का महत्व बढ़ गया और यह मुख्य लाइन और कोयला खदानों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ‘रेलवे जंक्शन’ बन गया।
महंगाई राहत बढ़ाने के लिए अब MP- : छत्तीसगढ़ को नहीं लेनी होगी एक-दूसरे की सहमति
Sat, Jul 18, 2026
रायपुर
। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब दोनों राज्यों के पेंशनरों को महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में वृद्धि के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया लागू थी।
इस प्रक्रिया के कारण कई बार महंगाई राहत बढ़ाने के फैसले में देरी होने की स्थिति बनती थी। पेंशनरों की सुविधा और प्रशासनिक सुगमता को देखते हुए दोनों राज्यों ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी निर्णय के अनुसार अब महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य अपने-अपने पेंशनरों के लिए सीधे कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगे।
पेंशनरों के हित में लिया गया फैसला
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन ने इस निर्णय को पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का मानना है कि महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया सरल होने से पेंशनरों को समय पर लाभ मिल सकेगा। नए आदेश के अनुसार दोनों राज्य अब बिना आपसी सहमति के अपने स्तर पर महंगाई राहत में वृद्धि का निर्णय ले सकेंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और पेंशनरों को राहत मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
विधायी संशोधन की जगह जारी होंगे सीधे आदेश
वित्त विभाग के निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पेंशनरों को देय महंगाई राहत में वृद्धि के लिए अब विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके स्थान पर दोनों राज्य सरकारें सीधे कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगी। इस व्यवस्था से सरकारों को निर्णय लेने में आसानी होगी और पेंशनरों से जुड़े मामलों का जल्द निराकरण किया जा सकेगा।
वित्तीय भार की जानकारी देनी होगी
हालांकि, महंगाई राहत बढ़ाने से राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय भार की जानकारी एक-दूसरे राज्य को देनी होगी। आदेश के अनुसार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किए गए आदेशों से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की सूचना संबंधित राज्य को पत्र के माध्यम से भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच वित्तीय समन्वय बनाए रखना है।
केंद्र सरकार की दरों से अधिक DR नहीं मिलेगी
नए निर्णय में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। इसके तहत कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दरों से अधिक दर घोषित नहीं कर सकेगा। यानी राज्य सरकारें अपने स्तर पर महंगाई राहत बढ़ाने का निर्णय तो ले सकेंगी, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा केंद्र सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार ही होगी।
आदेश जारी होते ही लागू होगी नई व्यवस्था
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नई व्यवस्था आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावी हो गई है। इससे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनरों को भविष्य में महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया में आसानी होगी। पेंशनरों से जुड़े संगठनों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी कि महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। अब दोनों राज्यों के इस संयुक्त निर्णय से पेंशनरों को समय पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।