सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर लौटे 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी : स्टोर रूम में मिला शव
Sat, Jul 18, 2026
दुर्ग
। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। मोहन नगर थाना क्षेत्र के जवाहर नगर में रहने वाले 12वीं के छात्र ने सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर घर लौटने के कुछ ही देर बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय यश कुमार डडसेना के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार,
शुक्रवार को यश कुमार डडसेना की 12वीं बोर्ड की केमिस्ट्री विषय की सप्लीमेंट्री परीक्षा थी। वह परीक्षा देकर घर लौटा था। उस समय घर में उसकी दादी मौजूद थीं, जबकि उसके पिता छत्रपाल डडसेना अपने छोटे बेटे को प्रतियोगी परीक्षा दिलाने के लिए हुडको गए हुए थे। यश की मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और घटना के समय वह भी घर पर नहीं थीं। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे यश के पिता ने बेटे को मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद उन्होंने घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन किया। कॉल यश की दादी ने उठाया। बातचीत के दौरान दादी ने बताया कि यश कुछ देर पहले “टॉयलेट जा रहा हूं” कहकर गया था।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब यश वापस नहीं लौटा तो दादी उसे देखने के लिए गईं। पहले उन्होंने टॉयलेट में तलाश की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पास में बने स्टोर रूम का दरवाजा खोला तो यश फांसी के फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर दादी घबरा गईं और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल मोहन नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की मौजूदगी में शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
ऐसे में पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यश किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या अन्य किसी कारण से परेशान था या नहीं। पुलिस का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक ओर छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर भविष्य को संवारने की कोशिश कर रहा था, वहीं कुछ ही घंटों बाद उसके इस कदम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।
PDS चावल की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई : 130 बोरी सरकारी चावल बरामद
Sat, Jul 18, 2026
सरगुजा
। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से मिलने वाले चावल की अवैध बिक्री की सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर खड़े एक ट्रक से 130 बोरी पीडीएस चावल बरामद किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला पीडीएस चावल अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा है। शिकायतों की जांच के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अरुण ट्रेडर्स का संचालक गोदाम में ताला लगाकर फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि संचालक के इस व्यवहार से संदेह और गहरा गया है। प्रशासन को आशंका है कि गोदाम के अंदर भी बड़ी मात्रा में शासकीय पीडीएस चावल छिपाकर रखा गया हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अरुण ट्रेडर्स की दुकान और गोदाम दोनों को सील कर दिया है। अब अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम खोलकर वहां रखे खाद्यान्न का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान चावल की मात्रा, उसके दस्तावेज और स्रोत की जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद चावल सरकारी वितरण प्रणाली का है और उसे अवैध तरीके से खरीदा या बेचा जा रहा था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि अरुण ट्रेडर्स के संचालक के खिलाफ पहले भी पीडीएस चावल की हेराफेरी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुराने मामलों के रिकॉर्ड को देखते हुए प्रशासन इस बार की कार्रवाई को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद किया गया 130 बोरी चावल कहां से लाया गया था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह चावल किसी उचित मूल्य दुकान से निकाला गया था या फिर किसी अन्य माध्यम से इसकी खरीद-बिक्री की जा रही थी। पीडीएस प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत गरीब परिवारों को कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था में गड़बड़ी होने से जरूरतमंद हितग्राहियों को नुकसान पहुंचता है। इसी कारण प्रशासन समय-समय पर राशन दुकानों और खाद्यान्न कारोबारियों की जांच करता रहता है।
अधिकारियों ने कहा कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल अरुण ट्रेडर्स मामले में जांच जारी है। गोदाम खुलने और खाद्यान्न के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वहां कितनी मात्रा में पीडीएस चावल मौजूद था और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं।
बिलासपुर में भारी बारिश का कहर : 5 ट्रेनें रद्द और 3 का बदला रूट
Sat, Jul 18, 2026
बिलासपुर
। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 20 साल बाद बिलासपुर में इस तरह का जलभराव देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 5 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 3 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रेलवे और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं सीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 110.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है
सरकंडा और चांटीडीह में राहत-बचाव अभियान बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सरकंडा और चांटीडीह क्षेत्र शामिल हैं। यहां निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण कई परिवार फंस गए। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को मौके पर भेजा गया। SDRF की टीम ने दो नावों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ने के बाद टीम ने घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। वहीं दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए थे। कई परिवार पूरी रात अपने घरों में फंसे रहे, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई और राहत दल ने पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला।
बिजली और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा असर
भारी बारिश का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूबने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में घंटों तक ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर व्यवस्था सुधारने में जुटी हुई हैं। विभाग द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है, ताकि पानी के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
कलेक्टर बंगले में भी भरा पानी
भारी बारिश का असर सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों तक पहुंच गया। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी बारिश का पानी भर गया। इसके बाद नगर निगम की टीम को जल निकासी के लिए लगाया गया। नगर निगम की मशीनों के माध्यम से लगातार पानी निकालने का काम किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित
बारिश के कारण बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। दर्रीघाट के पास सड़क पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई घंटों तक वाहन चालक परेशान रहे। राहगीरों ने जलभराव के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल के पास भी जलभराव के कारण कई लोग फंस गए। सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश रुकने के बाद कई इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगर निगम, जिला प्रशासन, SDRF और अन्य विभागों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। साथ ही नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिलासपुर में आई इस बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय बाद बने ऐसे हालात ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर है।