नैनो डीएपी : से बदल रही खेती की तस्वीर
Wed, Jun 24, 2026
रायपुर. 24 जून 2026-
खेती में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर राज्य के किसान अब कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। बिलासपुर जिले के ग्राम कछार के प्रगतिशील किसान तिहारू राम साहू इसकी एक उत्कृष्ट मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी खेती में नैनो डीएपी का उपयोग कर न केवल उर्वरकों की लागत में कमी लाई, बल्कि फसल उत्पादन और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हासिल किया।
किसान तिहारू राम साहू ने बताया कि वे पहले पारंपरिक डीएपी उर्वरक का उपयोग करते थे, जिससे लागत अधिक आती थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधों का विकास संतुलित रहा तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वे लगभग सवा एकड़ में सब्जी के साथ अन्य फसलों की खेती करते है। नैनो डीएपी के उपयोग से खेतों में फसलें लहलहा रही है। उन्होंने सभी किसानों से नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नैनो डीएपी एक आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरक है, जो पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक दक्षता के साथ उपलब्ध कराता है। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होती है। विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी एवं अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। तिहारू राम साहू की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी नैनो डीएपी के उपयोग की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
CG : औद्योगिक डस्ट से परेशान ग्रामीण, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
Wed, Jun 24, 2026
दुर्ग।
ग्राम रसमड़ा स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली धूल को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है, कि प्लांट्स से उड़ने वाली औद्योगिक डस्ट के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य और आवागमन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, प्लांट से निकलने वाली धूल नेशनल हाईवे तक फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल के कारण हाईवे पर दिखाई देने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट का उपयोग करना पड़ता है। ग्रामीणों ने रात्रि के समय प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
वहीं प्लांट के पीछे की सार्वजनिक सड़क को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि वहां फ्लाई ऐश और कोल डस्ट की परत जमी रहती है। राहगीरों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरने पर आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और त्वचा पर खुजली की समस्या हो रही है। बच्चों और मजदूरों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि घरों, बर्तनों और पीने के पानी में भी धूल की परत जम रही है। उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में गांव में श्वसन और चर्म रोग से संबंधित शिकायतें बढ़ी हैं। पर्यावरण संरक्षण मंडल ( सीईसीबी) के नियमानुसार किसी भी प्लांट की बाउंड्री से फ्यूजिटिव एमिशन यानी अनियंत्रित धूल का बाहर जाना प्रतिबंधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर दुर्ग और सदस्य सचिव, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय : केंद्रीय नेताओं से करेंगे मुलाकात
Wed, Jun 24, 2026
रायपुर –
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दोपहर करीब ढाई बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दिल्ली में रात्रि विश्राम करेंगे। दौरे के दौरान उनकी केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्य के विकास कार्यों, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा अहम माना जा रहा है।