भगवान परशुराम जन्मोत्सव : की पूर्व संध्या पर महाआरती व भजन संध्या
Tue, Apr 21, 2026
रायपुर।
कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल की पहल पर शनिवार रात भगवान परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर आराध्य देव की भव्य महाआरती की गई। इस मौके पर सुमधुर भजनों की प्रस्तुति भी दी गई। इसमें भगवान परशुराम जयंती पर अलग-अलग क्षेत्र में आयोजन करने वाली दस संस्थाओं के पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सत्यनारायण शर्मा ,पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडेय , पूर्व महापौर प्रमोद दुबे , कांग्रेस नेता पंकज शर्मा प्रमुख रूप से शामिल हुए।
इस आयोजन की श्रृंखला में भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों पर अतिथियों ने प्रकाश डालते हुए इसे भव्य स्वरूप देने के लिए चर्चा की गई। इनकी मौजूदगी में आराध्य देव के कृतित्व पर विद्वान वक्ताओं द्वारा चर्चा की गई। कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा एवं सचिव राजकुमार दीक्षित ने कहा कि अगले साल भगवान परशुराम जी की महाआरती और शोभायात्रा का आयोजन सभी ब्राह्मण समाज द्वारा संयुक्त रूप से किया निर्णय लिया गया । कार्यक्रम के संयोजक जयशंकर तिवारी एवं संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजेश मिश्रा और विकास तिवारी ने किया ।
संयुक्त रूप से मनाई जाएगी जयंती
इस आयोजन के बीच ब्राह्मण समाज ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया कि आगामी वर्ष में आराध्य देव की जयंती संयुक्त रूप से मनाई जाएगी। इसमें अलग-अलग ब्राह्मण समाज से जुड़े लोग और पदाधिकारी शामिल होंगे। इस तरह का निर्णय इसलिए लिया गया, ताकि भगवान की आस्था में किए जाने वाले आयोजनों को गरिमामय स्वरूप दिया जा सके। इस मुद्दे को सभी ने सहमति देते हुए 2027 में जयंती उत्सव को महोत्सव का रूप देने की सहमति बनी। वहीं आयोजन के बीच अतिथियों ने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने पर जोर दिया।
इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, सचिव राज कुमार दीक्षित, सहसचिव प्रमोद कुमार मिश्रा, सहसचिव अनुराग पाण्डेय, कार्यक्रम संयोजक जयशंकर तिवारी, संरक्षक व पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय, पूर्व सचिव राजेन्द्र शुक्ला, पूर्व सचिव राघवेंद्र मिश्रा, वरिष्ठ सदस्य गिरजा शंकर दीक्षित, राज कुमार अवस्थी, प्रकाश अवस्थी, अशोक दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, प्रभात कुमार मिश्रा, दीपक तिवारी, विजय शुक्ला, सौरभ शुक्ला, रितेश अवस्थी, श्रीमती सुनयना मिश्रा, गौरव शुक्ला, संजय अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश मिश्रा, विकास तिवारी, राघवेन्द्र पाठक, लखनलाल बाजपेयी, प्रभात पाण्डेय, अभिषेक मिश्रा, महिला मंडल से श्रीमती प्रीति मिश्रा, श्रीमती सुधा शुक्ला, श्रीमती राधा तिवारी, श्रीमती आभा बाजपेयी, श्रीमती निशा पाण्डेय, श्रीमती शीतल मिश्रा, श्रीमती निशा अवस्थी, श्रीमती स्मिता बाजपेयी ,श्रीमती ऋचा (कामायनी)पाठक ,श्रीमती दीप्ति मिश्रा, डॉ. मीनाक्षी बाजपेयी, अजय बाजपेयी, इन्द्र कुमार तिवारी, आशुतोष द्विवेदी, शिवराम अवस्थी, राकेश कुमार तिवारी, शशिकांत मिश्रा, अमित बाजपेयी, प्रभात मिश्रा सहित ब्राह्मण समाज की महिलाएं व विप्र जन शामिल हुए।
सहेजें अपने संस्कारों को, : गर्मियों की छुट्टियों का करें सदुपयोग : विजय चोपड़ा
Tue, Apr 21, 2026
रायपुर ।
स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां आरम्भ हो गई है। 55 दिनों के लम्बे अवकाश में बच्चे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में समय व्यतीत करते हैं। ज्यादा समय मोबाईल में रील्स देखने में व्यतीत करते हैं , छुट्टियों में बच्चे समय का सदुपयोग करें व विरासत के संस्कारों को सहेजें ताकि बच्चों में सहनशीलता , धैर्य , अनुशासन , संस्कार व करुणा जैसे गुणों का विकास हो सके।
स्कूलों से बच्चों को 55 दिनों के लिए होमवर्क दिया जाता हैं। होमवर्क में नवीनता लाने जैन संवेदना ट्रस्ट ने " सहेजें अपने विरासत के संस्कारों को " विषय पर स्कूली टीचर्स के लिए कार्यशाला का आयोजन किया है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि वर्तमान परिवेश में अनुभव किया जा रहा है कि बच्चों में सहनशीलता , धैर्य की कमी देखी गई है। बच्चे सत्य से दूर भाग रहे हैं , वे अपना अधिकतम समय टी वी , मोबाईल , कम्प्यूटर में व्यतीत कर रहे हैं । एकाकी जीवन के कारण डिप्रेशन की स्थिति निर्मित हो रही है । बच्चों को इन विपरीत परिस्थितियों से उभारने जैन संवेदना ट्रस्ट ने अनूठा प्रोजेक्ट तैयार किया है व स्कूलों के माध्यम से कार्यशाला आयोजित कर टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है।
प्सिद्ध शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने वर्धमान द स्कूल , सन्तोषीनगर में आयोजित कार्यशाला में टीचर्स को 6 बिंदुओं का मंत्र दिया । जिसके आधार पर बच्चों को 55 दिनों के वेकेशन में प्रेक्टिकल कर प्रोजेक्ट लिखकर तैयार करना है । सर्वप्रथम दादा - दादी , नाना - नानी अथवा ऐसे वरिष्ठ परिजनों के साथ समय व्यतीत करना उनके अनुभव व संस्कारों को समझना उसके अनुसार प्रोजेक्ट बनाना है , इस संबंध में टीचर्स को जानकारी दी गई । प्रत्येक बच्चे को अपने माता पिता , बड़े भाई बहन व परिजनों के साथ अपने धार्मिक स्थल जाना , वहाँ के आत्मिक अनुभव को साझा करना है । मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने कार्यशाला में आगे बताया कि बच्चों को मोहल्ले के वरिष्ठजनों से परिचय बढ़ाना है , उनके अनुभव व्यवहार से सीखना है और अपना प्रोजेक्ट तैयार करना है । चोपड़ा ने आगे कहा कि बच्चों को पर्यावरण से जुड़कर जीवन जीना सीखना है , और अपने अनुभवों को प्रोजेक्ट के माध्यम से साझा करना है । बच्चों को अपने व्यवहार में दया , करुणा के गुणों का विकास कैसे हो इस दिशा में दैनिक जीवन में आचरण करना है , प्राणिमात्र के प्रति छोटी छोटी सहयोग की भावना रखते हुए कार्य करना और उन्हें प्रोजेक्ट के माध्यम से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना है। अपने परिजनों के साथ प्रेमभाव बना रहे व बढ़े इस हेतु दिन में एक समय का भोजन सभी साथ बैठकर करें , व आपस में सार्थक चर्चा करते रहें । कार्यशाला के माध्यम से टीचर्स को उपरोक्त प्रोजेक्ट के विषय में मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने विस्तार से समझाया जिससे टीचर्स आगामी 55 दिनों के लिये बच्चों को होमवर्क में उपरोक्त विषयों का समावेश कर सके । जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करना है । जीवन में संस्कारों के महत्व को समझना व समझाना जरूरी है । शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने कहा कि संस्कार विरासत में मिलते हैं , बाज़ार से खरीदे नही जा सकते । इसी मूल वाक्य को कार्यशाला प्रोजेक्ट में समाहित किया गया है । अनेक स्कूलों में कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को प्रोजेक्ट बनाने होमवर्क दिया जावेगा । छुट्टियों के पश्चात पहली से बारहवीं तक की कक्षाओं में प्रथम द्वितीय व तृतीय प्रोजेक्ट्स को पुरस्कृत किया जावेगा ।
रायपुर में 3 मई को 51 जोड़ों का सामूहिक विवाह, : आयोजन की तैयारी तेज
Tue, Apr 21, 2026
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन द्वारा इस वर्ष भी निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह समारोह का आयोजन भव्य रूप में किया जाएगा। यह आयोजन 3 मई 2026, रविवार को वीआईपी चौक स्थित श्री राम मंदिर के वाल्मीकि हॉल में होगा, जिसमें 51 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा।
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल और महामंत्री संजय अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले वर्ष की सफलता के बाद इस बार आयोजन को और बड़े स्तर पर किया जा रहा है। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के शामिल होने की सहमति भी मिल चुकी है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। इस अवसर पर सियाराम अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, राजेश अग्रवाल मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, संपत अग्रवाल विधायक, सत्यनारायण शर्मा पूर्व मंत्री, मोतीलाल साहू विधायक, जयदेव सिंघल महेंद्र सेक्सरिया , राजीव अग्रवाल सीएसआईडीसी के अध्यक्ष, बृजलाल गोयल सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहेंगे।
आयोजन को सामाजिक समरसता, सहयोग और सेवा भावना का प्रतीक बताया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराना है।
आयोजकों के अनुसार, सभी जोड़ों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही पात्र जोड़ों को शामिल किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को ही इसका लाभ मिल सके।
विवाह समारोह में हर नवविवाहित जोड़े को लगभग 50 हजार रुपए तक की गृहस्थी सामग्री भी दी जाएगी। इसमें अलमारी, सूटकेस, मिक्सर ग्राइंडर, पंखा, आयरन, कपड़े, घड़ी, जेवर और रोजमर्रा के उपयोग के बर्तन सहित अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक सदस्यों की टीम अलग-अलग समितियों में काम कर रही है। आयोजकों का कहना है कि यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है, बल्कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे संदेश को भी मजबूत करती है।
यह आयोजन हर साल समाज में सहयोग और एकजुटता की मिसाल पेश करता है, और इस बार भी इसे बड़े उत्साह और सहभागिता के साथ आयोजित करने की तैयारी है।