मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय : के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक पहुंची सरकार….
Wed, Apr 22, 2026
रायपुर:
छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर अंतर्गत आश्रित ग्राम बेदरे में देखने को मिला है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब विकास और विश्वास की नई रोशनी फैल रही है। मुड़िया जनजाति के निवासी बोगाम भीमा पिता हिड़मा को शासन द्वारा वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है, जो उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की नई शुरुआत बन गया है।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बोगाम भीमा को 1.315 हेक्टेयर वनभूमि का वनाधिकार पट्टा मिला है। वर्षों से जिस जमीन पर वे खेती कर रहे थे, आज वह जमीन कानूनी रूप से उनकी हो गई है। अब वे निश्चिंत होकर धान की खेती कर रहे हैं और अपने परिवार का जीवन बेहतर ढंग से चला पा रहे हैं। यह पट्टा उनके लिए केवल जमीन नहीं, बल्कि उनके अधिकार और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है।
खुशियों की यह कहानी यहीं नहीं रुकी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनकी पत्नी को पक्का मकान भी स्वीकृत हुआ है। कभी कच्ची मिट्टी के घर में बरसात और गर्मी झेलने वाला यह परिवार अब सुरक्षित और सम्मानजनक छत के नीचे जीवन जी रहा है। वर्षों पुराना सपना आज साकार हुआ है, जिससे उनके घर में खुशहाली और भरोसे का माहौल बना है।
इसके साथ ही शासन की महतारी वंदन योजना के तहत परिवार को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि मिल रही है, जो उनकी दैनिक जरूरतों में बड़ा सहारा बन रही है। गांव में बिजली कनेक्शन पहुंचने से जीवन में नई सुविधा और बच्चों की पढ़ाई को नई गति मिली है। उनका बेटा आज शासकीय आश्रम छात्रावास में कक्षा 7वीं में पढ़ाई कर रहा है, जहां रहने-खाने से लेकर शिक्षा और छात्रवृत्ति तक की व्यवस्था शासन द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर वास्तविक बदलाव ला रही हैं। वनाधिकार पट्टा, पक्का मकान, आर्थिक सहायता, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाएं बोगाम भीमा के परिवार के लिए एक नए जीवन की नींव बन गई हैं। हितग्राही बोगाम भीमा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की मदद से उनके परिवार को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई उम्मीद मिली है।
सुशासन शिविर : की तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी करें : कलेक्टर
Wed, Apr 22, 2026
00 कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने ली समय सीमा की बैठक
रायपुर।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किये जाएंगे। सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायत के अधिकारी इस संबंध में सारी तैयारी निर्धारित अवधि में पूरी कर लें।
कलेक्टर ने कहा कि 24 अप्रैल 2026 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर दीनदयाल सभागृह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रमुख प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम हेतु समुचित तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में हीट वेव चलने की संभावना है, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाइयों का इंतजाम बनाए रखें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर एवं एडीएम उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्रालय : में सिविल सर्विस डे मनाया गया
Wed, Apr 22, 2026
रायपुर :-
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया गया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं को पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। शासन की अधिक से अधिक सेवाओं को लोक सेवा गांरटी सेवा के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की करीब 750 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के तहत अधिसूचित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 21 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सिविल सर्विस दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देशभर के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं विभागों को पुरस्कृत किया जाता है। पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने सिविल सर्विस दिवस के मौके पर प्रशासन की विविध क्षेत्रों में कार्य करने एवं महत्वता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए। सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने मुख्यमंत्री हेल्प लाईन के बारे में लोगों द्वारा विविध माध्यम से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए शिकायत दर्ज कराने एवं निराकरण के प्रबंधन एवं सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने ई-डिस्टिक प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, सामान्य प्रशासन एवं उद्योग वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सभी संभागायुक्त एवं जिलों के कलेक्टर शामिल हुये।