BRTS लेन हटाने में सुस्ती पर हाईकोर्ट नाराज़: : कलेक्टर–कमिश्नर तलब, 15 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी
Jagbhan Yadav
Tue, Dec 2, 2025
इंदौर में बिगड़ते ट्रैफिक को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। कोर्ट ने BRTS लेन हटाने में लगातार हो रही देरी पर कड़ा रुख दिखाते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को अदालत में तलब किया। कोर्ट ने साफ कहा कि 15 दिनों के भीतर BRTS की एक तरफ की लेन का हिस्सा तोड़कर उसकी स्थिति रिपोर्ट पेश की जाए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराज़गी जताई। शहर में रात 10 बजे के बाद तेज आवाज़ में बज रहे डीजे, धार्मिक चबूतरों पर बढ़ते अतिक्रमण, फुटपाथों पर कब्ज़ा और शाम के समय अचानक बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी कोर्ट ने चिंता जताई। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इन कारणों से रोज़ाना यातायात बाधित होता है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोर्ट ने ट्रैफिक सुधार पर निगरानी की जिम्मेदारी वकीलों की पाँच सदस्यीय कमेटी को सौंपी है। इस कमेटी को भी अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी। साथ ही अगली सुनवाई में DCP ट्रैफिक को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करना प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है, और पुराने आदेशों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। अब 16 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी, जिसमें प्रशासन को BRTS लेन तोड़ने की प्रगति और ट्रैफिक सुधार के उपायों की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी।
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