उज्जैन इस्कॉन मंदिर पर स्वर्ण-चक्र की प्रतिष्ठा : मंदिर शिखर पर लगा 20 किलो का सुदर्शन चक्र, पूजा-अनुष्ठान के साथ स्थापना
Jagbhan Yadav
Sun, Nov 23, 2025
उज्जैन के भर्तृहरी क्षेत्र में स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार का दिन एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बना, जब मंदिर के मुख्य शिखर पर स्वर्ण-पॉलिश से सुसज्जित सुदर्शन चक्र की प्रतिष्ठा की गई। इस प्रतिष्ठा समारोह ने न केवल मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बनाया, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी यह एक यादगार क्षण रहा।
कार्यक्रम के तहत सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, अभिषेक और पूर्णाहुति जैसे पारंपरिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा आयोजित इस अनुष्ठान में देश-विदेश के प्रमुख गुरु, संत और कई भक्त शामिल हुए। अमेरिका से आए श्रील प्रभुपाद के शिष्य, श्रीमद चंद्रमौली स्वामी महाराज और श्रीपाद केवल्य प्रभुजी की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। मायापुर गुरुकुल के मुख्य आचार्य श्रीपाद कृष्ण चैतन्य प्रभु ने पुरोहित की जिम्मेदारी निभाई और विधिपूर्वक सभी धार्मिक प्रक्रियाएँ पूरी कराईं।
मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया यह सुदर्शन चक्र लगभग 4×4 फीट चौड़ा और 20 किलो वजनी है। इसे मुंबई में विशेष रूप से तैयार करवाया गया और पूर्णतः स्वर्ण पॉलिश से चमकदार बनाया गया। इसका स्थापत्य मंदिर की भव्यता को और बढ़ाता है तथा दूर से ही इसकी दिव्यता झलकती है।
वैदिक मान्यता के अनुसार सुदर्शन चक्र भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य आयुध माना जाता है, जो धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश का प्रतीक है। इसी आध्यात्मिक महत्व के साथ चक्र को मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया, जिससे भक्तों को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस्कॉन मंदिर पहुंचे और सुदर्शन चक्र के दर्शन किए। चक्र की स्थापना के बाद मंदिर परिसर में भक्ति-गीत, हरिनाम संकीर्तन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को और अधिक पावन बना दिया। यह दिन इस्कॉन मंदिर के इतिहास में एक विशेष अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
Tags :
#Ujjain #ISKCONTemple #SudarshanChakra #GoldenChakra #SpiritualEvent #HinduTradition #KrishnaBhakti #UjjainUpdates
विज्ञापन
विज्ञापन