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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम : शिवपुरी में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल इकोसिस्टम, अदाणी समूह करेगा ₹2,500 करोड़ का निवेश

Jagbhan Yadav

Sun, Jul 5, 2026

शिवपुरी :- भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की आधारशिला रख दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कंपनी अगले 3 सालों में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में आधुनिक मिसाइल सिस्टम का निर्माण करना और रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता को कम करना है। यह परियोजना केंद्र सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी नई मजबूती देगी।

इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक जीत अडानी ने कहा कि यह केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि पहली बार देश के निजी क्षेत्र में ऐसी सुविधा तैयार की जाएगी, जहां कच्चे माल से लेकर पूरी तरह तैयार मिसाइल सिस्टम तक का निर्माण एक ही परिसर में होगा।

शिवपुरी में बनने वाला यह अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स मीडियम और लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम तैयार करेगा। इसके अलावा यहां कंपोजिट प्रोपेलेंट, टीएनटी और अन्य विस्फोटक ग्रेड सामग्री का भी उत्पादन होगा। इससे भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और विदेशी तकनीक व हथियारों पर निर्भरता कम होगी।

जीत अडानी ने बताया कि इस परियोजना से करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही 50 से अधिक MSME कंपनियां इस हाई-टेक सप्लाई चेन का हिस्सा बनेंगी। इससे स्थानीय उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और मध्य प्रदेश रक्षा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।कंपनी ने यह भी बताया कि शिवपुरी की यह नई यूनिट ग्वालियर स्थित उसकी मौजूदा रक्षा निर्माण इकाई को और मजबूत करेगी। ग्वालियर में अडानी डिफेंस पहले से लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन का निर्माण कर रही है। जीत अडानी ने बताया कि उनकी कंपनी ने भारतीय सशस्त्र बलों को 2,000 लाइट मशीन गन निर्धारित समय से 11 महीने पहले ही उपलब्ध करा दी हैं, जो कंपनी की उत्पादन क्षमता और दक्षता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में रक्षा निर्माण और नवाचार के दो बड़े इंजन बनेंगे। यहां तैयार होने वाले अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम भारत की सुरक्षा को मजबूत करेंगे और पूरी तरह भारतीय तकनीक व भारतीय हाथों से बनाए जाएंगे।

यह निवेश अडानी समूह की मध्य प्रदेश में चल रही बड़ी निवेश योजना का हिस्सा है। समूह पहले ही राज्य में 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा कर चुका है। इसमें सीमेंट, हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज, माइनिंग, स्मार्ट मीटर, थर्मल पावर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी कई परियोजनाएं शामिल हैं। समूह का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य में 1.2 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है।

जीत अडानी ने कहा कि उनकी कंपनी DRDO और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मिलकर आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित कर रही है, ताकि भारत को रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। उनका कहना है कि शिवपुरी का यह प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां भारत भविष्य में अपनी जरूरत की मिसाइलें खुद बनाएगा और रक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगी, बल्कि मध्य प्रदेश को देश के सबसे बड़े रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और MSME सेक्टर को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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