अपना दल (एस) ने नवनियुक्त : जिला अध्यक्षों को दिया संगठन विस्तार का मंत्र
Wed, Jul 29, 2026
- आगामी कार्ययोजना पर हुआ प्रशिक्षण
- आर बी सिंह बोले - शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो, एक समान शिक्षा लागू हो
भोपाल 27/7/26।
अपना दल (एस) मध्य प्रदेश द्वारा सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने की। वहीं राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम ने लक्ष्य निर्धारित कर आगामी दिनों की कार्ययोजना पर प्रेजेंटेशन साझा की। इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना तथा नए दायित्व प्राप्त पदाधिकारियों को आगामी कार्ययोजना से अवगत कराना रहा।
इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने की बात करते हुए कहा कि "संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सक्रिय कार्यकर्ता और मजबूत जिला संगठन होते हैं। सभी जिला अध्यक्ष निर्धारित समय-सीमा में संगठन का विस्तार करें और जनता के बीच पार्टी की विचारधारा एवं जनहित के मुद्दों को मजबूती से लेकर जाएं।" उन्होंने शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और एकसमान शिक्षा लागू करने के विषय को भी पुख्ता करने पर जोर दिया।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं आईटी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गंगवार ने सोशल मीडिया के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम जनता तक पार्टी की नीतियों और जनहित के कार्यों को पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन है, इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को सोशल मीडिया का सकारात्मक और तथ्यात्मक उपयोग करना चाहिए।“
प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने कहा कि, "यह प्रशिक्षण केवल जिम्मेदारियों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठनात्मक कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास है। प्रत्येक जिला अध्यक्ष अपने जिले में मजबूत टीम बनाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करें।"
राजनीतिक रणनीतिकार, डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "सफल संगठन वही होता है जो लक्ष्य तय करके समयबद्ध तरीके से कार्य करे। अगले 30 दिनों में प्रत्येक जिला अध्यक्ष को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता दिखाते हुए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी।" उन्होंने संगठन विस्तार, जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। इनमें सिंगरौली से त्रिलोकी सिंह, भोपाल से सुरेंद्र नाहर, सिवनी से चैतराम प्रजापति, इंदौर से टीकमचंद्र शर्मा, मऊगंज से अजय बिहारी पटेल, सतना से राजमणि सिंह पटेल, रीवा से अशोक पटेल, ग्वालियर से राहुल सिंह, मैहर से मनोज पटेल, उमरिया से रमेश पटेल, जबलपुर से कमलेश पटेल तथा सागर से मनीष सरवैया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों को 15 अगस्त से पूर्व जिला कार्यकारिणी एवं विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने तथा संगठन को प्रत्येक बूथ तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया गया।
किसानों का कल्याण सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Sat, Jul 25, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, दतिया से वर्चुअली खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव से जुड़े
भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष- 2026 के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। जहां वर्ष की प्रथम छमाही में कृषि उपकरणों की तकनीक, उन्नत कृषि के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बलराम कृषि महोत्सव का यह सिलसिला 15 जुलाई को इंदौर से प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में 23 जुलाई को आलीराजपुर में कृषि महोत्सव का आयोजन भी हुआ।
किसानों को हेलमेट वितरण का नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को दतिया से खरगोन के कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़कर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कृषक कल्याण वर्ष में गांव से दो पहियों से दूध और सब्जियां लेकर शहरों तक आने-जाने वाले किसान भाईयों को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। यह किसानों के लिए नवाचार भी है और सुविधा भी।
आगामी 13 नवम्बर तक जिले-जिले में होंगे बलराम कृषि महोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ ही अन्य अनेक आयोजन होंगे। खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है।
किसान उन्नत कृषि अपनाएं, लाभ बढ़ाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव में शामिल सभी किसान भाईयों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि को अपनाकर अपने लाभ में वृद्धि के प्रयास करें। किसानों को दिन और रात में भी पर्याप्त बिजली की पूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष में 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की है, जिसके फलस्वरूप किसानों की आय वृद्धि के रोडमैप को क्रियान्वित किया जाएगा। खरगोन बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसानों के अलावा जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कृषकों के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश : सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
Thu, Jul 23, 2026
मध्य प्रदेश :-
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे, जबकि कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे।
किसानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: सीएम डॉ.मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर बाजार और सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय समिति
प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत चयनित जिलों में योजना की निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना समिति' का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त को उपाध्यक्ष तथा सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को सदस्य-सचिव बनाया गया है।
कौन-कौन होंगे समिति के सदस्य?
इस समिति में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनमें सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी विकास, सहकारिता, जल संसाधन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर, नाबार्ड मध्य प्रदेश और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के प्रतिनिधि भी समिति के सदस्य रहेंगे।
योजना की निगरानी और बजट आवंटन पर रहेगा फोकस
समिति प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेगी। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करेगी और चयनित जिलों को समय पर बजट उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
चयनित जिलों को मिलेगा विशेष सहयोग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत चयनित जिलों में काम कर रही सभी एजेंसियों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।
8 जिलों के उत्पादों की होगी ब्रांडिंग और मार्केटिंग
समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में प्रदेश के चयनित 8 जिलों के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) भी शामिल है। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा।