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सरकार और सीजेपी में बनी सहमति : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने खत्म किया राष्ट्रव्यापी आंदोलन

Jagbhan Yadav

Sat, Jul 25, 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच सहमति बन गई है। इसके बाद सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

सरकार ने स्वीकार कीं प्रमुख मांगें

सीजेपी ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने उसकी सभी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें नीट परीक्षा पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का फैसला शामिल है।

एफआईआर वापस लेने पर सहमति

पार्टी के अनुसार, केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। साथ ही भविष्य में इस आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

परीक्षा सुधारों पर होगी आगे चर्चा

सीजेपी ने बताया कि सरकार उसके 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करेगी। इन सुधारों को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ अलग से बैठक करेगा।

तीन दौर की वार्ता के बाद बनी सहमति

सरकार से बातचीत के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान पार्टी की तीन प्रमुख मांगें थीं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों व एफआईआर की वापसी तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों पर कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाना।

मुआवजे की मांग का भी उल्लेख

रांका ने कहा कि पार्टी ने यह भी मांग रखी थी कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उनकी पहली मांग पूरी हो गई है। वहीं, दूसरी मांग के तहत दिल्ली समेत सभी भाजपा और सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इस पर सहमति जताई है और जल्द ही इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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