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सेना देश की रक्षा करती है : , उसे राजनीतिक विवादों में न घसीटें: किरेन रिजिजू

Jagbhan Yadav

Wed, Aug 19, 2026

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कई अहम मुद्दों पर खुलकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सेना देश की रक्षा करती है और उसे राजनीतिक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। रिजिजू ने चीन सीमा विवाद, राहुल गांधी के बयानों, संसद में हंगामे और अन्य विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी।

चीन के 60 किलोमीटर घुसपैठ के दावे को किया खारिज 

राहुल गांधी के इस दावे पर कि चीन भारत में 60 किलोमीटर अंदर तक घुस गया है, रिजिजू ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा का कई इलाकों में स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है। यह कोई नया मुद्दा नहीं है। रिजिजू ने याद दिलाया कि पहले कांग्रेस सरकार के समय चीन ने अपनी तरफ सड़कें और बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित किया, जबकि भारत की नीति सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर न बनाने की थी। तत्कालीन रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने भी संसद में इसकी पुष्टि की थी। 2014 के बाद मोदी सरकार ने नीति बदली और सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माण तेज किया। ताकसिंग तक सड़क संपर्क 2019 में पूरा हुआ। उन्होंने जोर दिया कि चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा नहीं किया है और आईटीबीपी की पेट्रोलिंग पहले से मजबूत हुई है।

सेना को राजनीति से दूर रखने की अपील

रिजिजू ने कहा कि सेना के जनरल के लिए ‘सड़क छाप’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है। कांग्रेस नेताओं को ऐसी भाषा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सेना देश की रक्षा करती है, उसे राजनीतिक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए।

‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर सफाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जो संविधान के खिलाफ काम करते हैं। हथियारबंद नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन कुछ लोग माओवादी विचारधारा से जुड़े होकर जवानों की मौत पर जश्न मनाते हैं।

संसद हंगामा और अमित शाह पर टिप्पणी

विपक्ष के इस आरोप पर कि गृह मंत्री अमित शाह संसद नहीं आए, रिजिजू ने कहा कि शाह सुबह से रात तक संसद में रहते थे। विपक्ष ने सिर्फ अफवाह फैलाई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस सांसदों के गाली-गलौज और हंगामे को रोक सकते हैं। कोई भी नेता संविधान के खिलाफ अराजकता पैदा करे तो उसका समर्थन नहीं करना चाहिए।

अन्य मुद्दों पर सरकार का पक्ष

परिसीमन: सरकार कांग्रेस से समर्थन मांग रही है। सकारात्मक रुख आने पर सहयोग संभव है। 
वंदे मातरम: यह राष्ट्रीय गीत है। हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए। 
अभिजीत दिपके प्रकरण: आम आदमी पार्टी ने चुनाव हारने के बाद छात्रों को आगे बढ़ाया। केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनती है, लेकिन राजनीतिक लाभ नहीं उठाना चाहिए। 
विशेषाधिकार नोटिस: नियमों का उल्लंघन होने पर जारी किया जाता है। 
विपक्षी गठबंधन: फिलहाल विपक्ष बंटा हुआ है और आत्मविश्वास की कमी झेल रहा है। चुनाव न जीत पाने की हताशा संसद में निकालता है।

रिजिजू ने इटली की प्रधानमंत्री पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं। उनका मजाक उड़ाने से देश की बदनामी होती है।

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