: राज ठाकरे को तोहफे में मिली बाबरी मस्जिद की ईंट, मनसे नेता ने 32 साल से रखी थी सुरक्षित
Jagbhan Yadav
Tue, Feb 6, 2024
Raj Thackeray Babri Masjid Brick Gift: मनसे नेता ने बाबरी मस्जिद की ईंट को 32 साल तक संभालकर रखा था।
Raj Thackeray Babri Masjid Brick Gift: मनसे नेता ने बाबरी मस्जिद की ईंट को 32 साल तक संभालकर रखा था।

राज ठाकरे को गिफ्ट में मिली बाबरी मस्जिद की ईंट
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद वहां से लाई गई एक ईंट उपहार में दी गयी। मनसे नेता बाला नांदगावकर (Bala Nandgaonkar) ने मंगलवार को ठाकरे को ईंट सौंपी। नांदगावकर ने बताया कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान वह कारसेवक बनकर अयोध्या गए थे। उस वक्त वह अपने साथ विध्वंस की गई मस्जिद की ईंट लेकर आए थे। उस ईंट को 32 साल तक अपने पास संभालकर रखा।
राज ठाकरे में दिखते है बाला साहेब...
मनसे नेता बाला नांदगावकर ने कहा कि उन्होंने प्रतिज्ञा लिया था कि जब अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर बनेगा तो वह इस ईंट को शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को देंगे। हालांकि राम मंदिर तो बन गया लेकिन बालासाहेब आज जीवित नहीं हैं। इसलिए उन्होंने राज ठाकरे को बाबरी ईंट उपहार में दी। नांदगावकर ने कहा कि बाल ठाकरे के वैचारिक उत्तराधिकारी राज ठाकरे ही हैं। राज साहेब में हमें बाला साहेब नजर आते हैं।

पूर्व विधायक बाला नांदगावकर ने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे बाल ठाकरे की विचारधारा के उत्तराधिकारी हैं। 16वीं सदी की इस मस्जिद को वर्ष 1992 में 'कार सेवकों' ने ढहा दिया था।
बाबरी ढहने के बाद लाई थी ईंट
नांदगावकर महाराष्ट्र से अयोध्या गए शिवसैनिकों में से एक थे। मनसे नेता ने कहा कि वह छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए अयोध्या गए थे। उन्होंने कहा, ''कारसेवा के लिए मेरे साथ शिवसेना के कई कार्यकर्ता थे।''
6 दिसंबर 1992 को जब बाबरी ढहाई गई तो उसमें से ईंट मैं लेकर आया था। एक ईंट मेरे घर पर है। ये इस बात का सबूत है कि बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मैं राम मंदिर निर्माण कार्य से एक ईंट लाना चाहता हूं।
राज ठाकरे को गिफ्ट मिली बाबरी मस्जिद की ईंट, देखें तस्वीर-

आक्रांताओं को दिए जवाब का प्रतीक- राज ठाकरे
वहीँ, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, “22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की मूर्ति में प्राणप्रतिष्ठा के साथ ही सभी हिंदुओं का सपना पूरा हुआ। अयोध्या में राम मंदिर बने, यह बाला साहेब और लाखों कारसेवकों की प्रबल इच्छा थी जो पूरी हुई।
उन्होंने कहा, आज जो ईंट मेरे वरिष्ठ सहयोगी बाला नांदगावकर ने मुझे दी है, वह कई सदियों के बाद विदेशी आक्रांताओं को दिए गए जवाब का प्रतीक है। अब मैं चाहता हूं कि जिन ईंटों से राम मंदिर बना है उनमें से एक ईंट मुझे मिले। मुझे यकीन है कि श्रीराम की कृपा से वह भी जल्द मेरे पास होगी।

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