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प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की ऐतिहासिक छलांग : , विक्रम-1 लॉन्च से दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचा देश

Jagbhan Yadav

Sun, Jul 19, 2026

श्रीहरिकोटा। भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 18 जुलाई को स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत निजी क्षेत्र से ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे दो पूर्व ISRO वैज्ञानिकों पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका की वर्षों की मेहनत और दूरदृष्टि है। दोनों ने 2018 में मिलकर स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना की थी और निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई पहचान बनाने की दिशा में काम शुरू किया।

विक्रम-1 की सफल उड़ान भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा विकसित पहला ऑर्बिटल रॉकेट मिशन है। इससे देश के स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खुल गए हैं। पवन चंदाना और नागा भरत डाका पहले ISRO में वैज्ञानिक के रूप में काम कर चुके हैं। अंतरिक्ष मिशनों के अनुभव को आधार बनाकर उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस को खड़ा किया और भारत के निजी स्पेस उद्योग को नई दिशा दी।

हैदराबाद स्थित इस स्टार्टअप ने कुछ ही वर्षों में भारत के पहले स्पेस यूनिकॉर्न के रूप में पहचान बनाई। विक्रम-1 की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत का निजी क्षेत्र भी अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीक विकसित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम है। इस उपलब्धि के साथ भारत अमेरिका और अन्य प्रमुख अंतरिक्ष देशों की कतार में निजी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता रखने वाले देशों में शामिल हो गया है।

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