आगरा में तोते की तलाश खत्म : 6 दिन बाद मिला प्यारा माऊ
Sun, Jul 19, 2026
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में पिछले छह दिनों से लापता पालतू तोता ‘माऊ’ आखिरकार रविवार को अपने परिवार के पास वापस लौट आया। माऊ की तलाश पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई थी। अपने पालतू पक्षी को परिवार का सदस्य मानने वाले उसके मालिक और आयकर अधिवक्ता सुनील सिंह ने उसे ढूंढ़ने वाले व्यक्ति के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इसके साथ ही शहर के कई प्रमुख स्थानों पर तोते की गुमशुदगी के पोस्टर और होर्डिंग भी लगाए गए थे।
माऊ के गायब होने के बाद सुनील सिंह और उनका परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी लोगों से अपील की थी कि अगर किसी को उनका तोता दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। इस दौरान कई लोगों ने माऊ मिलने का दावा किया, लेकिन जांच के बाद सभी दावे गलत निकले। लगातार फर्जी सूचनाओं के बीच परिवार को एक सही जानकारी का इंतजार था। रविवार सुबह आखिरकार एक फोन कॉल ने परिवार की उम्मीदों को पूरा कर दिया। सुनील सिंह के पास एक व्यक्ति का फोन आया और उसने बताया कि माऊ उसके पास है। फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया आने के लिए कहा, जहां वह तोता उन्हें सौंप सकता था।
शुरुआत में सुनील सिंह को इस दावे पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने सुरक्षा और पुष्टि के लिए फोन करने वाले व्यक्ति से वीडियो कॉल पर तोता दिखाने को कहा। वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने माऊ को पहचान लिया। तोते की पहचान होते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंच गए। सुनील सिंह जब शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति मिला, जिसने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था। बातचीत और माऊ की पहचान के बाद सुनील सिंह ने उस व्यक्ति को घोषित 50 हजार रुपये का इनाम दिया और अपना प्यारा तोता वापस ले लिया।
माऊ के घर लौटते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। छह दिनों से जिस तोते की तलाश में पूरा परिवार परेशान था, उसके वापस आने से सभी ने राहत की सांस ली। सुनील सिंह ने बताया कि माऊ उनके परिवार का हिस्सा बन चुका है और उसके गायब होने से घर में सभी लोग बेहद दुखी थे। उन्होंने बताया कि माऊ के लापता होने के बाद उनके बेटे और बेटी उसे बहुत याद कर रहे थे। बच्चों का उससे गहरा लगाव है। उनकी बेटी तो माऊ के गम में इतनी परेशान हो गई थी कि उसने खाना तक छोड़ दिया था। परिवार के लिए माऊ केवल एक पालतू पक्षी नहीं बल्कि घर का सदस्य है।
सुनील सिंह ने माऊ को वापस लाने वाले व्यक्ति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इनाम की घोषणा का उद्देश्य केवल अपने प्रिय तोते को वापस पाना था। माऊ के मिलने के बाद परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं। माऊ की तलाश का यह मामला आगरा में लोगों के बीच काफी चर्चा में रहा। एक पालतू पक्षी के प्रति परिवार के लगाव और उसे वापस पाने की कोशिश ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सोशल मीडिया से लेकर शहर की गलियों तक माऊ की गुमशुदगी की चर्चा होती रही। अब छह दिन बाद उसके सुरक्षित घर लौटने से इस कहानी का सुखद अंत हो गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़ : बड़ा नाव हादसा : 116 यात्रियों से भरी नाव पलटी
Sun, Jul 19, 2026
दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना में एक बड़ा जल हादसा सामने आया है। पोमेरोन नदी के पास 116 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक यात्री नाव पलट गई। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। अब तक 53 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि अन्य यात्रियों की तलाश जारी है। गुयाना के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स ने समाचार एजेंसी को बताया कि एमवी बारिमा (MV Barima) नामक यह यात्री नाव राजधानी जॉर्जटाउन से उत्तरी अटलांटिक तट के रास्ते पोर्ट कैतूमा जा रही थी। यात्रा के दौरान पोमेरोन नदी के निकट नाव दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार अब तक 53 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। फिलहाल नाव पलटने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। प्रारंभिक जांच में मौसम की स्थिति, नदी की धार और तकनीकी कारणों सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
प्रशासन ने कहा है कि सभी लापता लोगों का पता लगाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। गुयाना सरकार ने घटना पर चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों, घायलों और लापता लोगों की संख्या से संबंधित आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है और लोगों की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।
बद्रीनाथ दान चोरी केस में बड़ा खुलासा : पूर्व अधिकारी के घर से विदेशी मुद्रा बरामद
Sat, Jul 18, 2026
चमोली
। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि बद्रीनाथ धाम इलाके में बद्रीनाथ मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर उत्तराखंड पुलिस की रेड में महंगे केसर और दूसरे सामान के साथ विदेशी करेंसी भी मिली हैं।यह रेड चौहान की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर की गई, जो मंदिर में कथित दान चोरी मामले में मुख्य आरोपी है। चौहान को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद दिन में पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। CCTV फुटेज में कथित तौर पर चौहान को 22 जून, 25 जून और 29 जून को कैश के बंडल इकट्ठा करके अपनी जेब में रखते हुए दिखाया गया है, जिसके बाद SIT ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।
रेड पर अपडेट देते हुए,
SIT इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर महादेव उनियाल ने कहा, “केसर और कुछ दूसरे सामान बरामद हुए हैं। विदेशी करेंसी भी मिली हैं। जहां तक कैश की बात है, आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है।”चौहान को आगे की जांच के लिए शनिवार, 18 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यह कदम बद्रीनाथ मंदिर में कथित दान की चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की तैयार की गई 18 पेज की इंटरनल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उठाया गया है। साथ ही, नए CCTV फुटेज से SIT को मामले में और संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली है।छुट्टियां व मौसमी आयोजन हाई कोर्ट उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, BKTC ने मंदिर के दान की कथित चोरी की चल रही जांच के तहत अपनी 18 पेज की इंटरनल जांच रिपोर्ट SIT को सौंप दी है।
पुलिस ने पहले कहा था
SIT ने 29 जून और 2 जुलाई के CCTV फुटेज पूरी तरह से रिकवर कर लिए हैं, जिनकी जांच होनी थी। SIT ने 22 जून और 25 जून के CCTV फुटेज रिकवर किए थे, जिनका जांच के हिस्से के तौर पर पहले ही एनालिसिस किया जा चुका है। 14 जुलाई को, बद्रीनाथ मंदिर में कथित दान की चोरी की जांच के लिए बनाई गई एक कमेटी ने बद्रीनाथ धाम का दौरा किया और दान को कैसे हैंडल और ट्रांसपोर्ट किया जाता है, इस प्रोसेस और काउंटिंग रूम के अंदर के इंतज़ामों का रिव्यू किया। इस बीच, बद्रीनाथ दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सोहन सिंह रांगड़ और उनके पर्सनल असिस्टेंट अतुल डिमरी से पूछताछ की, ताकि निगरानी में कमियों की जांच की जा सके। साथ ही, जांच करने वाले मंदिर के CCTV कंट्रोल रूम में घुस गए, और ऑपरेशनल लॉग को सिस्टमैटिक तरीके से रिव्यू किया और यह ट्रैक किया कि रोज़ाना दान कैसे हैंडल किया जाता था।