केरल : केरल नगर निकाय चुनावों में NDA का नया राजनीतिक अध्याय, तिरुवनंतपुरम में वाम किले में सेंध
Jagbhan Yadav
Sat, Dec 13, 2025
केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार राजनीति की तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आई। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को कड़ी चुनौती दी है। करीब 45 वर्षों से जिस नगर निगम पर वामपंथी दलों का दबदबा रहा, वहां NDA की मजबूत उपस्थिति को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी नतीजों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम नगर निगम की कुल 101 वार्डों में NDA ने 50 वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं, LDF को 29 और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को 19 वार्डों में सफलता मिली। वर्ष 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में यह परिणाम NDA के लिए बड़ी छलांग माने जा रहे हैं, जब उसके हिस्से अपेक्षाकृत कम सीटें आई थीं।
राज्य स्तर पर देखें तो केरल के 1,199 स्थानीय निकायों के नतीजों में UDF को कुल मिलाकर बढ़त मिली है, जबकि LDF दूसरे स्थान पर रहा। इसके बावजूद NDA ने कई क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। चुनाव आयोग के अनुसार, दो चरणों में 9 और 11 दिसंबर को मतदान हुआ था और निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण 21 दिसंबर को प्रस्तावित है।
इन नतीजों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया। भाजपा और NDA नेताओं ने इसे केरल में राजनीतिक परिवर्तन की शुरुआत बताया। उनका कहना है कि मतदाताओं ने विकास और वैकल्पिक राजनीति के संदेश को स्वीकार किया है। वहीं, कांग्रेस और UDF नेताओं ने राज्य स्तर पर अपनी बढ़त को जनता का भरोसा बताते हुए आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उत्साह जताया है।
कुल मिलाकर, केरल निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा किया है। जहां UDF ने राज्य स्तर पर मजबूती दिखाई है, वहीं तिरुवनंतपुरम जैसे अहम शहर में NDA की सफलता ने वामपंथी राजनीति के गढ़ में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिसका असर आने वाले समय में केरल की राजनीति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
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